साध्वी प्रज्ञा के लिए कुछ ऐसा कहा

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चुनाव के इस मौसम में ट्विटर भी काफी एक्टिव रहता है … information के साथ साथ काफी controversies भी सुनने को मिल जाता है…. वैसे आपको बता दें कि बीजेपी ने जब से मध्यप्रदेश के भोपाल से प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है, तब से ही माहौल गर्म है….वैसे ही यह एक controversial मुद्दा है….और लोग इसपर ट्वीट कर के या तो controversy क्रिएट करना चाह रहे या फिर lamplight में आना चाह रहे…. अब देख लीजिये जावेद अख्तर ने अपने ट्वीट में बिना नाम लिए प्रज्ञा ठाकुर के बयानों को लिखा है और निशाना साधा है….और अब जावेद अख्तर का यह ट्वीट खूब वायरल हो रहा है…

जावेद अख्तर ने यह लिखा है कि “सुनहरे शब्द-

  1. मेरे लिए यह चुनाव धर्मयुद्ध की तरह है.
  2. वह मेरे श्राप के कारण मारे गए थे.
  3. मैं अपने शब्द वापस ले रही हूं, क्योंकि इससे देश के दुश्मनों को मदद मिल रही है.
  4.  बाबरी मस्जिद  को ध्वस्त करने में मैंने भी हिस्सा लिया था.

 जावेद अख्तर ने इस तरह बिना नाम लिए  प्रज्ञा ठाकुर पर निशाना साधा है…. जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर यूजर्स के खूब रिएक्शन भी आ रहे हैं…… उनका ट्वीट वायरल हो रहा है….

वैसे जावेद अख्तर को शब्दों से खेलना कितने अच्छे से आता है ये बताने वाली बात तो नहीं है… लेकिन उन्होंने इस बार अपना हूनर बखूबी निभाया है….इस बार उन्होनें बिना साध्वी प्रज्ञा का नाम लिए सभी बातें कह दी….

जावेद अख्तर के इस ट्वीट के बाद लोगों ने उन्हें ट्रोल किया और कई लोगों ने इसपर री ट्वीट भी किया … जब एक ट्वीट में ये लिखा हुआ था की – ये कहानियां छोड़िए ये बताइए की श्रीलंका में हमला हुआ उसमे कौन सा धर्म शामिल था?

तो, जावेद अख्तर ने इसपर जवाब दिया की

ऐसे धर्म और ऐसे धार्मिक आतंकवादियों का भी बड़ा हाथ है मेरे नास्तिक होने में. अगर इतिहास में धर्म के नाम पर बहा ख़ून जमा किया जाए तो उस में दुनिया के सारे मस्जिद मंदिर गिरजा डूब जाएंगे. 

हालांकि जावेद अख्तर पहले भी  प्रज्ञा ठाकुर की भोपाल से उम्मीदवारी पर निशाना साध चुके हैं….. लोकसभा चुनाव के माहौल में बॉलीवुड के कई दिग्गज अपनी भूमिका निभा रहे हैं…….. जावेद अख्तर हिंदी फिल्मों के गीतकार और पटकथा लेखक के अलावा कांग्रेस पार्टी के नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद भी हैं…… लिहाजा यह देखा गया है कि जावेद अख्तर हमेशा से बीजेपी पर निशाना साधते आए है….

हमने देखा है कैसे जावेद अख्तर ने साध्वी प्रज्ञा को बातों बातों में कई जुर्म का दोषी बना दिया… जबकि अगर वो दोषी होती तो शायद उन्हें चुनाव लड़ने का मौका ही नहीं मिलता… वैसे तो जावेद अख्तर को शब्दों से खेलना बखूबी आता है लेकिन is बार शायद वो भूल रहे हैं कि accused और guilty शब्द में अंतर होता..

वैसे अगर देखा जाए तो राहुल गाँधी, शशि थरूर और ऐसे कई नेता है जो किसी न किसी रीज़न से accused है लेकिन उससे उनके कम पर कभी असर नहीं पड़ा और ना ही जावेद अख्तर जैस  intelectual लोगों ने इपर कोई टिपण्णी की..

तो जावेद अख्तर से हम यह उम्मीद रखते हैं कि वह इस तरह के ट्वीट से पहले थोड़ा  सा सोच समझ ले.. क्योंकि वो एक CELEBRITY FIGURE हैं….और उनकी tweets उनके FANS  को जितना INSPIRE कर सकती है उतना ही लोगों को हर्ट…तो लिखना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन इसकी वजह से लोगों का सेंटिमेंट हर्ट हो ये भी सही नहीं….. .