कश्मीर में सुरक्षा बलों ने पूरा किया शतक, इस साल अब तक 100 आ’तंकि’यों को किया जन्नत रवाना

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जम्मू -कश्मीर में सुरक्षा बलों ने इस साल के पहले 6 महीनें में ही शतक पूरा कर लिया. सुरक्षा बलों ने इस साल पहले 6 महीनों में ही 100 आ’तंकि’यों को जन्नत रवाना कर चुके हैं. इनमे कई टॉप कमांडर्स भी शामिल है. सबसे मुख्य नाम तो हिजबुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू का है. सबसे अच्छी बात तो ये निकल कर सामने आई कि आ’तंकि’यों को मा’र गि’राने के ऑपरेशंस में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के बीच गजब का तालमेल देखने को मिल रहा है. आज भी कुलगाम जिले के निरपोरा में दो आं’तकवा’दियों को मा’र गि’राया गया.

सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले 10-15 दिनों में 15 आ’तंकवा’दी मा’रे गए हैं. उन्होंने कहा कि अधिकांश ऑपरेशन स्थानीय लोगों द्वारा मुहैया कराई गई जानकारी के आधार पर हुए. इससे साबित होता है कि लोग आ’तंकवा’द से तंग आ चुके हैं और सामान्य हालात चाहते हैं. उन्होंने ये भी बताया कि इन सारे ऑपरेशंस को सुरक्षा बालों के बीच बेहतरीन तालमेल से पूरा किया गया.

साउथ एशिया टे’रेरिज’म पोर्टल (SATP) से मिले आंकड़ों के मुताबिक इस साल 5 जून तक 92 आ’तं’की मा’रे जा चुके थे. इस दौरान सुरक्षा बल के 29 जवान भी शहीद हुए. इस साल 5 जून तक कुल 55 आ’तं’की घटनाएं हुई हैं, जिनमें 10 नागरिकों की मौ’त हुई है. SATP के आंकड़ों से ये भी पता चला कि 2019 में कुल 163 आ’तंकी मा’रे गए थे, जबकि सुरक्षा बल के 78 जवान शहीद हुए थे. इस हिसाब से देखे को 2020 के पहले 6 महीनों में ही सुरक्षा बलों ने बहुत ही शानदार कामयाबी हासिल की है.

इस साले मारे गए आ’तंकि’यों में कई टॉप कमांडर भी शामिल थे जिनमे जाकिर मूसा, रियाज नायकू, फारुख अहमद भट्ट के नाम प्रमुख है. हि’जबु’ल जैसे ही घाटी में किसी नए कमांडर को नियुक्त करता है सेना तुरंत उस पोस्ट को खाली कर देती है. बौखलाहट में अब आ’तंकि’यों ने फिर से कश्मीरी पंडितों को नि’शाना बनाना शुरू कर दिया है.