भारतीय जवानों ने लिया बड़ा बदला, जवानों के काफिले पर हमला करने में हुई इस्तेमाल की गाड़ी का भी लगा सुराग

पुलवामा में जवानों के काफिले पर हमला करने वाले आतकियों के गिरोह पर सेना लगातार कार्रवाई कर रही हैं. उन्हें खोज खोज कर जहन्नुम भेज रही हैं. कश्मीर में जवानों ने जबरदस्त तरीके से मोर्चा सम्भाला हुआ है वही AIF ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में आतकियों के कैम्प पर हमला कर तहस नहस कर दिया था….जवानों पर हुए आतकी हमले का बदला लेने के लिए जवान लगातार आतकियों पर कार्रवाई कर रहे हैं. जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने घाटी के त्राल में मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकियों को ढेर कर दिया है। इस मुठभेड़ में जैश ए मुह्हमद का आतंकी मुदस्सिर अहमद खान के मारे जाने की खबर है। मुदस्सिर का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. सेना ने इस आतकी को मार कर आतंकियों की कमर तोड़ दी है. कहा जा रहा है ये वहीँ आतकी था जो जवानों पर हमले का साजिशकर्ता था… हमले के लिए विस्फोटक का इंतजाम करने वाला मुदस्सिर ही था..पेशे से इलेक्ट्रीशियन मुद्दसिर ने 2017 में जैश-ए-मोहम्मद ज्वाइन किया था. वह आदिल अहमद डार के संपर्क में था.


मुदस्सर ने ग्रेजुएशन करने के बाद आइटीआइ से एक साल का इलेक्ट्रिशियन का डिप्लोमा किया था। उस पर जम्मू के सुंजवा में फरवरी 2018 में सेना के कैंप पर हुए हमले में शामिल होने का भी आरोप है। इस हमले में सुरक्षाबलों के छह जवान शहीद हो गए थे, जबकि एक नागरिक की भी मौत हो गई थी…जनवरी 2018 में लेथपोरा पुलवामा में हुए हमले में भी मुदस्सर के शामिल होने का संदेह था। इस हमले में भी सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी जो पुलवामा हमले की जांच कर रही है, उसने 27 फरवरी को मुदस्सर के घर की तलाशी ली थी।
पुलवामा हमले को अंजाम देने के लिए इको मिनी वैन का इस्तेमाल किया गया था। उसे दस दिन पहले ही लाया गया था। सोमवार को एनआईए को इस संबंध में बड़ी कामयाबी मिली जब ये खुलासा हो गया कि आतंकी हमले में इस्तेमाल कार एसयूवी न होकर मारूति इको थी। और ये गाडी सज्जाद भट्ट के नाम पर थी. जिसके घर जबसे पुलिस ने छापा मारा है उसके बाद से ही दक्षिण कश्मीर के बिजबिहाड़ा का रहने वाला सज्जाद भट भी फरार है। उसके भी आतंकी संगठन में शामिल होने की आशंका है। पुलवामा हमले के बाद एक बात तो सबके समझ में आ रही थी कि बिना किसी स्थानीय के मिले इस घटना को अंजाम नही दिया जा सकता था और यह बात अब साफ़ होती दिखाई दे रही हैं. पुलवामा अटैक के बाद देश में गम और गुस्से का माहौल है और देश की जनता निर्णायक नतीजा चाहती है। पीएम नरेंद्र मोदी भी साफ कर चुके हैं कि जिन लोगों को सरपरस्ती में इस कायराना हमले को अंजाम दिया गया था उन्होंने बड़ी गल्ती की है और उन्हें उनके किए की सजा जरूर मिलेगी।


वहीँ जीओसी 15 कॉर्प लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में आत्कियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हो रही हैं. उनका कहना है कि कुछ ही दिनों में कश्मीर पाकिस्तानी आतकियों से मुक्त हो जाएगा.. केजेएस ढिल्लन जी ने बताया कि 21 दिन में सेना ने मार गिराए 18 आतंकी मार गये हैं. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने ही पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे. इसी के बाद से ही सुरक्षाबलों ने घाटी में फैले जैश के आतंकियों को निशाने पर लिया था और फ़ोर्स की लगातारआतकियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं.

Related Articles