जामिया में पुलिस कारवाई की अधूरी वीडियो वायरल कर दिल्ली पुलिस को बदनाम करने की साजिश का खुलासा

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CAA के खिलाफ 15 दिसंबर 2019 को  जामिया इलाके में जम कर हिं’सा हुई थी, बसें फूं’क डाली गई थी. जिसके बाद पुलिस ने ला’ठीचा’र्ज किया और खदेड़ खदेड़ कर दं’गा’इयों को पी’टा था. पुलिस दं’गाइ’यों को खदेड़ते हुए जामिया मिलिया कैम्पस में भी घुस गई थी जिसको लेकर खूब बवाल हुआ और बिना इजाजत पुलिस के यूनिवर्सिटी कैम्पस में घुसने पर सवाल उठाये गए. ये भी कहा गया कि पुलिस ने जामिया की लाइब्रेरी में घुस कर मासूम छात्रों को ब’र्बर’ता से पीटा. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वामपंथी और लिबरल गैं’ग द्वारा इस वीडियो के जरिये दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाये जा रहे हैं कि लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों को ला’ठी से पी’टा गया.

लेकिन जो वीडियो वामपंथी और लिबरल गैं’ग वायरल कर रहा है वो अधूरी है. अनुराग कश्यप, RJ सायेमा जैसे वेरिफाइड अकाउन्ट्स से भी ये अधूरी वीडियो वायरल की जा रही है. इस वीडियो में दिल्ली पुलिस जामिया की लाइब्रेरी में घुसती है कथित रूप से पढ़ाई कर रहे छात्रों पर ला’ठि’यां बरसाने लगती है. लेकिन इस वीडियो clip के अलावा एक और clip वायरल हो रही है जो पुलिस के लाइब्रेरी में घुसने से 20 सेकेण्ड पहले की है. इस 20 सेकेण्ड में बहुत कुछ ऐसा है जो साबित करता है कि वामपंथी और लिबरल गैंग द्वारा प्रोपगैंडा फैलाने के लिए अधूरी वीडियो clip वायरल की जा रही है.

20 सेकेण्ड पहले वाली clip में देखा जा सकता है कि कुछ छात्र दुसरे दरवाजे से लाइब्रेरी में घुसते हैं. वो बदहवास हैं. लाइब्रेरी में घुसते ही वो टेबलों के नीचे कुछ छुपाते हैं. कुछ छात्रों के चेहरे भी ढके हुए हैं. फिर वो जल्दी से कुर्सी पर बैठ कर किताबें खोल लेते हैं. जिसके बाद पुलिस लाइब्रेरी में आती है और ला’ठीचा’र्ज करती है. लेकिन प्रोपगैंडा फैलाने के लिए लाठी चार्ज से 20 सेकेण्ड पहले वाले हिस्से को काट दिया जाता है.

अब सवाल ये है कि ये छात्र इतने बदहवास क्यों है? ये टेबलों के नीचे क्या छुपाते हैं? लाइब्रेरी में कौन छात्र चेहरा ढक कर पढ़ाई करता है? ये सब सवालों के जवाब तो वामपंथी गैंग को देने पड़ेंगे.