बड़ी सफलता : दिल्ली से जैश कमांडर गिरफ़्तार,कैसे चलता था पूरा सिंडिकेट

348

पुलवामा को हुए भले ही के महिना हो गया है लेकिन हमारी सेना और हमारे देश के लोग इस आत्मघाती हमले को भूले नहीं है ..तभी तो हमारे देश कि सुरक्षा एजेंसियों लगातर आतंकियों के ठिकानों ओर उनसे जुड़े लोगों को देश के हर कोने से खोजने की कसम खा रखी है. इसकी वजह से ही आज आज डेल्ही पुलिस की स्पेशल सेल को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है.. दिल्ली पुलिस ने जैश कमांडर को गिरफ्तार किया है। जैश कमांडर का नाम सज्जाद खान और उसकी उम्र 27साल है..आपको बता दे कि ये डेल्ही में एक शॉल बेचने वाला बनकर रह रहा था , स्पेशल सेल टीम ने उसे गुरुवार रात लाल किले के पास लाजपत राय मार्केट से गिरफ्तार किया है ..सूत्रों के मुताबिक ये बताया जा रहा है कि कश्मीर में हुए पुलवामा आतंकी हमले से पहले ही सज्जाद भागकर दिल्ली आ गया था..लेकिन वो हमले के मास्टर माइंड मुदस्सिर के लगातार कांटेक्ट में था जो हाल ही में एक एनकाउंटर के दौरान मारा गया…मीडिया रिपोर्ट्स से मिली हुए जानकारी के मुताबिक सज्जाद खान जम्मू कश्मीर का ही रहने वाला है..उसे पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर होने वाले हमले की पूरी जानकारी थी..

सज्जाद लगातार डेल्ही से ही पुलावामा हमले के मास्टरमाइंड मुदस्सिर के कांटेक्ट में था जब तक वो हमारे सुरक्षा बालों द्वारा मारा नहीं गया था .. ऐसे में सज्जाद की गिरफ्तारी को काफी अहम माना जा रहा है.. क्योंकि सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे, कि जैश दिल्ली में हमला प्लान कर रहा है ..उसके साथी कभी भी हमले कि फ़िराक में है जैश की तरफ से इसे एक बड़ी जिम्मेदारी मिली हुए थी…ऐसे में सज्जाद का पकड़े जाना पुलिस के लिए सच में बड़ी कामयाबी है…आप को बता दें ,कि सज्जाद खान के 2 भाई भी जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी थे.. जिन्हें सेना ने एनकाउंटर में मार गिराया था.. वैसे सज्जाद ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पुलवामा में सीआरपीएफ की बस पर हमले का मास्टरमांइड जैश आतंकी मुदस्सिर और पाकिस्तानी आतंकी यासिर एक एप के जरिए फर्जी नम्बरों से बातचीत करते थे.. खुफिया एजेंसियों का तो यहाँ तक दावा है कि पुलवामा हमले से करीब एक महीने पहले मसूद अजहर ने तालिबानी और हक्कानी नेटवर्क के आकाओं के साथ एक अहम बैठक की थी…

इसी बैठक में ये तय हुआ था कि भारत पर एक आत्मघाती हमला किया जाएगा.. आप यहाँ ये भी जान लीजिये पाकिस्तान स्थित हक्कानी नेटवर्क काफी घातक आतंकी संगठन है जो पूर्वी अफगानिस्तान में आतंकवाद के चलते मारे गए नागरिकों में से 90 प्रतिशत की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है… साथ ही हक्कानी नेटवर्क को अमेरिकी सैनिकों की हत्याओं के लिए भी जिम्मेदार बताया जाता है..आपको ये भी बता दें कि इस बैठक को किसी और ने नहीं बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने मैनेज करवाया था, और यर बैठक बहावलपुर में हुई थी. ये वही बहावलपुर है जिसे जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का अड्डा कहा है, जहां से वो अपनी सारी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है.. फिलहाल पुलिस सज्‍जाद खान से पूछताछ कर रही है.और देखते है पुलिस पूछताछ में और क्या क्या अहम जानकारी निकल कर सामने आती है .