जेल में बंद आतंकियों को रिहा कराके १ करोड़ देना कल आपके परिवार को भी भारी पड़ सकता है सगीर खान साहब

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अभी हाल ही में कांग्रेस के नेता सगीर खान का वो बयान सुना जिसमे वो कश्मीर की जेल में बंद लोगो को रिहा करके उन्हें एक एक करोड़ रुपए देने की बात कह रहे है. देखिए जनाब, सीधी सी बात तो ये है कि अगर वो जेल में बंद है तो मस्ती मज़ाक करने के चक्कर मे तो वो जेल में गए नही होंगे कुछ ना कुछ बड़ा कांड किया होगा तभी जेल की सलाखों के पीछे गए होंगे.

हम कश्मीरियों से नफरत नही करते और मानते है कि सारे कश्मीरी एक जैसे नही है लेकिन डिअर सर हम आपको मैं कुछ मामलों पर लेकर आते है. इन्हें ठीक से देख और सुन लीजिएगा और तब बताइएगा की क्या ऐसे युवकों को बेकसूर बताते हुए उन्हें 1 करोड़ देने की बात कहना और सेना के जवानों पर सवाल उठाना सही है ???

2001 वो काला दिन आख़िर कौन भूल सकता है जब देेेश की संसद धमाकों से गूंज उठी
कई सालो तक मामले की सुनवाई चली और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को फांसी की सजा सुना दी। हम सबको लगा कि देश का मामला है तो कश्मीर के लोग भी हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे लेकिन हुआ ठीक इसके उलट और फांसी के विरोध में वहां जवानों को निशाना बनाया गया,सरकारी संपत्ति को बपौती समझकर जमकर निशाना बनाया गया। अगर सरकार ने ऐसे बेकाबू लोगो को काबू में करने का आदेश दे भी दिया तो इसमें गलत क्या है ??

Source- Facebook

ख़ैर आपने बात की जवानों के एक्शन लेने की तो जनाब याद रखिएगा ताली कभी एक हाथ से नही बजती।
कैसे कोई भूल सकता है जब सेना का काफिला निकलता है तो आपके यहाँ के युवक पत्थर बरसाकर उनका स्वागत करते है। अब अगर ऐसे में सेना इसका विरोध करती है तो उसमें गलत क्या है ??

2016 में हुए उड़ी हमले में जब देश के कई बहादुर जवान शहीद हुए तब आपके ही कश्मीर के युवाओं ने जश्न मनाया था। क्यो मनाया था ये ज़रा आप उनसे कभी जेल में जाकर पूछियेगा ज़रूर। अगर सेना इसका विरोध करते हुए उन्हें जेल में डाल देती है तो इसमें गलत क्या है ??

खबरों में आए दिन पढ़ने को मिल जाता है कि देश को नुकसान पहुँचाने वाले कितने ही स्लीपर सेल और आतंकवादी संगठनों को आपके ही कश्मीर के युवा चला रहे है और इसके खिलाफ पुलिस या सेना एक्शन लेती है तो इसमें गलत क्या है ??

चलिए जाने दीजिए बॉस,आप ले आइए इनको जेल से बाहर ताकि अगली बार फिर कहीं धमाका हो और फिर से हजारों लोग जान से हाथ धो बैठे। आपको नेताओ को फर्क क्या पड़ता है इनसे जब जेल में बंद लोगो को रिहा कराके आप उन्हें 1 करोड़ दे सकते है तो बम धमाके में मारे गए आम नागरिकों को भी 10- 20 लाख का मुआवजा देकर उनकी जान का सौदा करना आपके लिए कौनसी बड़ी बात है .

खैर याद रखिएगा किस्मत हमेशा एक जैसी नही होती और खुदा ना खास्ता जेल से बाहर आए इन लोगो ने आपके दिए 1 करोड़ रुपयों से हथियार खरीदकर आपके ही परिवार को नुकसान पहुँचाया तो देखते है फिर भी क्या आप अपने इसी बयान पर कायम रहते है ।