फिर झूठा निकला जय श्री राम की वजह से पि’टाई करने का आरोप, पि’टाई खाने वाले ने ही सुनाई झूठी कहानी

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उत्तर प्रदेश में आगामी कुछ महीनों बाद चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से ठीक पहले राज्य में असहिष्णुता और जय श्री राम के नारे की वजह से पि’टाई का वीडियो सामने आया तो हड़कंप मच गया. लेकिन इससे पहले की मामला राजनीतिक रंग पकड़ता, यूपी पुलिस की तत्परता से पूरे मामले की पोल खुल गई. मामला है उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित लोनी इलाके का. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमे एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ मा’रपी’ट और उनकी दाढ़ी का’टने का दृश्य था. बुजुर्ग ने कहा है कि उन्हें मुसलमान होने के कारण पी’टा गया, उनकी दाढ़ी का’ट दी गई और जय श्री राम का नारा लगाने का दबाव बनाया गया. लेकिन यूपी पुलिस ने मामले को सुलझा लिया और असलियत सामने ला दी.

गाजियाबाद के एसपी (देहात) इराज राजा ने बताया, “ये वीडियो 5 जून का है. पी’ड़ित ने 7 जून के अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखवाई थी. मामले की तहकीकात की गई तो यह वीडियो बेहटा हाजीपुर गांव में परवेश गूजर के घर का निकला. जिस बुजुर्ग की पि’टाई हो रही थी वो अब्दुल शमद अनूप शहर के निवासी हैं. ये परवेश, कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद के बुलावे पर बेहटा हाजीपुर आए हुए थे. बुजुर्ग ताविज बनाते हैं और देते हैं. आरोपियों के परिवार के लिए और गांव के अन्य लोगों को इन्होंने ताविज दी थी. उसी प्रकरण में कुछ बात करने के लिए उन्हें बुलाया गया था. वहीं कुछ बात हुई और फिर बुजुर्ग के साथ काफी गलत तरीके से मा’रपी’ट की गई. मुख्य आरोपी परवेश की गिरफ़्तारी भी की जा चुकी है.

न्यूज चैनल से बातचीत में एसपी ने कहा कि धार्मिक नारे का कोई एंगल सामने नहीं आया है जांच में. इनके बीच लेनदेन हुई थी, यही मुद्दा था. एसपी ने कहा, “इसमें धार्मिक भावना वाली बात नहीं थी. चूंकि इस तरह के कृत्य से धार्मिक भावना भ’ड़क सकती है, इसलिए हम उन्हीं धाराओं में इनका चालान करेंगे. तीन अभियुक्त अभी हिरासत में हैं. परवेश गुजर पहले से ही जे’ल में है. कल रात को हमने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार किए- आदिल और कल्लू गुजर को.”