मध्यप्रदेश में बन रहे है पश्चिम बंगाल जैसे हालात, IT रेड के दौरान सीआरपीएफ और पुलिस की भिड़ंत

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देश में लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है..सभी पार्टियां प्रचार-प्रसार में जुटी है..लेकिन इसी बीच मध्यप्रदेश के इंदौर की एक खबर ने अचानक सियासी हलचल तेज कर दी है..मध्यप्रेदश में भी बंगाल की तरह पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच टकराव का मामला सामने आया हैं..मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के करिबियों पर आयकर विभाग लगातार दो दिन से छापेमारी कर रही है..जिससे सियासी पारा चढ़ गया है..यहां तक कि छापेमारी के दौरान सीआरपीएफ और एमपी पुलिस में टकराव की भी नौबत आ गई..CRPF के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश पुलिस उन्हें काम नहीं करने दे रही है..जिससे उन दोनों की आपस में भिड़त हो गई..

हालांकि, इस रेड को बेहद ही गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया..फिल्मी स्टाइल में आईटी अधिकारियों ने इंदौर के अलग-अलग टूर ऑपरेटरों से किराए पर टैक्सियां लीं और इन्हीं किराए की टैक्सियों से छापेमारी करने पहुंचे..शुरुआत में राज्य के अधिकारी इस मिशन से पूरी तरह अंजान थे..

आईए आपको बताते है कि पूरा मामला क्या है..

दरअसल, आयकर विभाग ने रविवार को मध्य प्रदेश, नई दिल्ली और गोवा में करीब 50 जगहों पर छापेमारी की..जिसमें से टीम ने मध्य प्रदेश में करीब 35 जगहों पर छापेमारी की..और आज भी छापेमारी जारी थी..इस रेड में मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, निजी सचिव और पूर्व पुलिस अधिकारी(osd) प्रवीण कक्कड़ और सलाहकार राजेंद्र कुमार मिगलानी के ठिकानों पर छापेमारी की गई..इनकम टैक्स ड‍िपार्टमेंट की इस रेड में अफसरों-कर्मचार‍ियों ने अपनी-अपनी भूम‍िका बखूबी न‍िभाई और उन्हें सुरक्षा म‍िली सीआरपीएफ के 300 जवान और अफसरों वाली टीम की.. देश के इत‍िहास में यह पहला मौका है जब इनकम टैक्स की रेड में सीआरपीएफ की मदद ली गई हो..इस रेड में करीब 100 करोड़ रुपये म‍िलने की बात कही जा रही है.. टीम को यहां से नकदी के अलावा महंगी शराब की बोतलें और हथियार भी मिले.. सूत्रों ने बताया कि ‘पूरी आशंका’ है कि इस नकदी का दिल्ली और मध्य प्रदेश में पॉलिटिकल कैंपेन की फंडिंग करने और मतदाताओं को रिश्वत देने जैसे चुनावी प्रलोभन में इस्तेमाल किया जाना था..

इस मिशन को कैसे पूरा किया गया

इस इनकम टैक्स की छापेमारी से पहले किसी को भी कानोकान खबर नहीं हुई..इस पूरी कार्रवाई से पुलिस को दूर रखा गया..बता दें कि आईटी अधिकारियों ने कुछ टूर ऑपरेटरों से सामान्य नागरिकों की तरह संपर्क किया और उनसे किराए पर दर्जनों गाड़ियां लीं.. और इन्ही गाड़ियों के मदद से इस मिशन को पूरा किया गया है..

क्यों कि गई छापेमारी

बताया जा रहा है कि इस छापे के लिए 15 द‍िन से तैयारी चल रही थी. ‌कई जगह इनकम टैक्स की जांच में हवाला से राशि इधर से उधर होने की बात सामने आ रही थी, इसी से इसे लिंक किया गया. दिल्ली मुख्यालय ने जयपुर से डायरेक्टर जनरल एससी गुप्ता को इंदौर भेजा था और वह लगातार इस पर नजर रखे हुए थे. कई और अधिकारी इंदौर में बीच-बीच में आकर लगातार मामले पर नजर रखे हुए थे. जांच के लिए आए अधिकारी भी दिल्ली से थे…

आईए जानते है कि वो कौन लोग है जिनके यहां छापेमारी की गई

प्रवीण कक्कड़ पूर्व पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था। 2004 में नौकरी छोड़कर वह कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के ओएसडी बने। दिसंबर 2018 में कमलनाथ के ओएसडी बन गए। बताया जा रहा है कि नौकरी में रहते हुए उनके खिलाफ कई मामले सामने आए, जिनकी जांच चल रही है।

बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रातुल पुरी, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे हुए हैं. रातुल पुरी का नाम राजीव सक्सेना से पूछताछ के दौरान छिपा लिया गया था..राजीव सक्सेना का दुबई से अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर डील मामले में प्रत्यर्पण हुआ था..

इस मामले के बाद कई बड़े नेता के बयान सामने आ रहे है..कांग्रसे इसे सोची समझी साजिश कह रही है तो वही बीजेपी..कमलनाथ सरकार पर अपने सहयोगियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है..

बहरहाल, चुनाव का मौसम है ऐसे में आयकर विभाग के छापे के बाद चुनावी माहौल में एक और नया किस्सा जुड़ गया है..और इस किस्से के बाद चुनाव पर भी असर देखने को मिलेगा..कांग्रेस जिसको पहले से ही झटके पर झटके लग रहे है उसे एक और झटका लग जाना..कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है…