2014 से 2018 के बीच इसरो की इन बड़ी उपलब्धियों को जानकर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा।

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साल बदलते जा रहे है,लोग बदले है,फ़ितरते बदली है लेकिन अगर कोई नही बदला तो वो है इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन,दिन रात काम करने का वही जज्बा,हम और आप रात में सोते है और वो हमें चांद पर पहुँचाने की योजना पर काम करते है। कितना मुश्किल होता होगा ना ये सब । लेकिन वो करते है क्योंकि उनके लिए अपने आप का ध्यान रखने से ज्यादा भारत की तरक्की मायने रखती है। हम इसरो को ऐसे ही इसरो को महान नही बता रहा बल्कि उसके काम ही कुछ ऐसे है जिसपरहर सच्चे भारतीय को गर्व होने लगेगा। आज हम आपको बताएंगे की 2014 से 2018 के बीच मोदी सरकार और
इसरो की जुगलबंदी की बदौलत भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में क्या क्या कामयाबी हासिल की है,
आइए,आपको बताते है.

1) मिशन गगनयान

इस मिशन में हमारे देश से तीन लोगों को चुनकर अंतरिक्ष मे ले जाने की योजना पर
इसरो काम कर रही है । कुछ वजहों से इस योजना को सरकार की मंजूरी पहले नही थी लेकिन इसके बावजूद इसरो के हौसले पस्त नही हुए और उसने इस मिशन पर काम करना जारी रखा बाद में सरकार को भी इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन कर मिशन को अपनी सहमति देनी पड़ी। मोदी सरकार ने तो बाकायदा इस मिशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये को अपनी मंजूरी दे दी है। यानी अब भारत से भी तीन लोग गगन मे जाएंगे और वहां सात दिन गुजारकर वहां की स्थितियों को करीब से जानेंगे। आपको बता दूं कि भारत अगर ऐसा करने में सफल रहा तो वो ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा ऐसा देश बन जाएगा।

2) मंगलयान: 2014 में भारतीय मंगलयान ने इसरो को दुनिया के नक्शे पर चमका दिया. मंगल तक पहुंचने में पहले प्रयास में सफल रहने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना. यहाँ तक कि अमेरिका, रूस और यूरोपीय स्पेस एजेंसियों को कई प्रयासों के बाद मंगल ग्रह पहुंचने में सफलता मिली थी.
इस मिशन को मोदी सरकार ने जोरदार ढंग से समर्थन किया। इस मिशन में इसरो का खर्च भी सिर्फ 450 करोड़ रुपए आया,जबकि जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपना मंगल मिशन जिसको मावेन मिशन का नाम दिया गया था लांच किया था उसका कुल खर्च भारत के मिशन मंगलयान से 10 गुना ज्यादा था। आपको शायद पता ना हो कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से देखे तो इस मिशन का प्रति किलोमीटर खर्चा ओला उबेर से भी सस्ता पड़ रहा था।
जिस इसरो को अमेरिका और रूस ने खिलौना बनाने वाला बताकर कभी मज़ाक उड़ाया दिया। चंद्रयान की सफलता के बाद उन्हें भी भारत और इसरो की तारीफ करने को मजबूर होना पड़ा। वाकई ये सब हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत और सरकार की जुगलबंदी का ही नतीजा है।

3) सबसे भारी संचार उपग्रह जीसैट-11 का सफल प्रक्षेपण।

इसी साल फ्रांसीसी अंतरिक्ष एजेंसी एरियनस्पेस के एरियन-5 रॉकेट की मदद से ‘जीसैट-11’ को प्रक्षेपित किया गया. इसका वजन करीब 5,854 किलोग्राम है. और ये उपग्रह हमारे देश में बेहतर ब्रॉडबैंड सेवाएं (इंटरनेट) उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

दरअसल मोदी सरकार संचार के क्षेत्र में देश को अन्य देशों के मुकाबले काफी लेकर जाना चाहती है । देश के इस सपने को पूरा करने के इसरो दिन रात लगा हुआ है और इसके लिए चार उपग्रह अंतरिक्ष मे प्रक्षेपित होंगे जिसमे इसरो जीसेट 11 समेत तीन उपग्रह अंतरिक्ष मे भेज चुका है।

4) नेविगेशन सिस्टम: नेविगेशन सिस्टम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने 2016 में सातवां नेविगेशन उपग्रह (इंडियन रीजनल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) लॉन्च किया. इसके साथ ही भारत को अमेरिका के जीपीएस सिस्टम के समान अपना खुद का नेविगेशन सिस्टम मिल गया. भारत से पहले अमेरिका और रूस ने ही ये उपलब्धि हासिल की थी.

5) रचा बड़ा इतिहास: अंतरि‍क्ष विज्ञान की दुनिया में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने दुनियाभर में एक नया इतिहास रच दिया। इतिहास ऐसा की इससे विकसित देश भी इसरो की इस सफलता से आश्‍चर्यचकित हो गए थे। दरअसल, इसरो ने मेगा मिशन के तहत PSLV के जरिए एक साथ 104 सैटेलाइट का सफल लॉन्च कर विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था।
अभी तक ये रिकार्ड रूस के नाम था, जो साल 2014 में 37 सैटेलाइट एक साथ भेजने में कामयाब रहा था। आपको बता दूं कि इस लॉन्च में जो 101 छोटे सैटेलाइट्स हैं, उनका वजन 664 किलो ग्राम था।

इसके अलावा इसरो ने बहुत सारी उपलब्धियों को हासिल किया है.बहुत सारे प्रोजेक्ट्स पर अभी काम भी चल रहा है।
उम्मीद है आने वाले दिनों में भी कुछ ऐसा कारनामा हमारे सामने आएगा जिससे हम सबको गर्व महसूस करने का मौके मिलते रहेंगे।
हालांकि इन सफलताओं की वजह मोदी सरकार का इसरो को मुहैया कराया गया भारी भरकम बजट भी रहा।

केंद्र सरकार ने हमेशा इसरो को अपने बजट में अहम स्थान दिया और इसरो ने भी लगे हाथ मौके पर चौका मारकर हम सभी भारतीय को गर्व का अनुभव करा दिया। कुल मिलाकर कह सकते है अगर यही सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में हम अंतरिक्ष से जुड़े क्षेत्र में अमेरिका और रूस जैसे देशों को पछाड़कर कामयाबी के नए शिखर पर पहुँच जाएंगे और दिल से कहेंगे भारत माता की जय.

https://youtu.be/LmaJi7RzM0Y