भारत में कोरोना के मरीजों ने किया डेढ़ लाख का आंकड़ा पार लेकिन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं इतने लाख लोग

देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस समय कोरोना का कहर लगातार बरप रहा है. चीन के वुहान शहर से फैला ये वायरस धीरे धीरे पूरी दुनिया में फैलता गया और हजारों लोगों की जान ले चुका है. भारत में भी अब कोरोना ने पाँव पसार लिए हैं और हर दिन मरीजों की संख्या एक नया रिकॉर्ड बना रही है. जबकि सरकार पिछले को महीनों से पूरे देश में लॉकडाउन जारी किये हुए है.

जानकारी के लिए बता दें भारत में इस समय कोरोना के मरीजों की संख्या डेढ़ लाख को भी क्रॉस कर गयी है. अगर सरकार ने समय के चलते लॉकडाउन लागू नहीं किया होता तो आज भारत की स्थिति बहुत भयावह हो सकती थी. ये लॉकडाउन का ही प्रभाव है कि आज भारत अन्य देशों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है और साथ ही राहत की बात ये है कि भारत में मरीज काफी स्पीड से ठीक भी हो रहे हैं. इसी बीच एक हैरान करने वाला आंकड़ा भी सामने आ रहा है.

कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में चल रहे लॉकडाउन के दौरान विदेश या अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों और साधारण व्यक्ति ज्यादातर केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा बनाई गयी क्वारंटाइन सुविधाओं में हैं. बताया जा रहा है कि पूरे देश में इस समय करीब 23 लाख लोग क्वारंटाइन है. अधिकतर राज्य सरकारों और केंद्रशासित क्षेत्रों के प्रशासनों ने उनके क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए 7 दिन क्वारंटाइन होना अनिवार्य कर दिया है.

गौरतलब है कि कुछ राज्य ऐसे भी हैं जो बाहर से आ रहे लोगों को घरों में ही क्वारंटाइन करवा रहे हैं. पूरे देश में अगर सबसे ज्यादा कहीं लोग क्वारंटाइन हैं तो वो महाराष्ट्र में हैं और फिर उसके बाद गुजरात में. वहीं सरकार के अनुसार लॉकडाउन के दौरान देशभर में विभिन्न स्थानों से 91 लाख प्रवासी मजदूर ट्रेनों और बसों से अपने गंतव्य स्थान को पहुंच चुके हैं. वहीँ दूसरी ओर उत्तरप्रदेश में सर्वाधिक प्रवासी श्रमिक लौटे हैं और राज्य में 3.6 लाख लोग क्वारंटाइन हैं. जिनमें से अधिकतर को घर में ही किया गया है.