क्या बंद होने जा रहे हैं 2000 के गुलाबी नोट ?

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तारीख 8 नवंबर 2016, समय रात 8 बजे, पीएम मोदी का देश को संबोधन, संबोधन में पीएम मोदी का 500 और 1000 के नोट बंद करने का एलान. जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. जिसके बाद रिजर्व बैंक ने 500 के नए नोट के साथ 2,000 रुपये का भी नोट जारी किया. अब आप ये सोच रहे होंगे की आपको ये अभी क्युं बता रहे है, तो बता दे की सोशल मीडिया पर 2000 के नोट बंद होने की चर्चाएं है.

Indian new 2000 and 500 Rs Currency Note in isolated white background

जानते है क्या कहते हैं नोटों के बारे में रिजर्व बैंक के आंकड़े

आरबीआई डेटा के मुताबिक, मार्च 2017 के आखिर तक 328.5 करोड़ यूनिट 2000 के नोट चलन में थे. 31 मार्च, 2018 तक इन नोटों की संख्या मामूली वृद्धि के साथ 336.3 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई. मार्च 2018 के आखिर तक कुल 18,037 अरब रुपये की करेंसी चलन में थी. इनमें 2000 के नोटों का हिस्सा घटकर 37.3 प्रतिशत रह गया. मार्च, 2017 के अंत तक कुल करेंसी में 2000 के नोटों का हिस्सा 50.2 प्रतिशत पर था.

बैंकों में 2 हज़ार के नोटों में आई कमी

इन अफवाहों के बीच जब हमने आम जनता से बात की तो लोगों का यही कहना है की 2000 के नोट अब बहुत कम मिल रहे है एटीएम हो या बैंक. यहां तक की कुछ बैंक कर्मचारियों से बात करने पर भी पता चला की बैंक में भी 2000 के नोटों में कमी आई है. हाल ही में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी कि रिजर्व बैंक और सरकार समय समय पर करेंसी की छपाई की मात्रा पर फैसला करते हैं. इसका फैसला चलन में मुद्रा की मौजूदगी के हिसाब से किया जाता है. जिस समय 2,000 का नोट जारी किया गया था तभी यह फैसला किया गया था, कि धीरे-धीरे इसकी छपाई को कम किया जाएगा.

2 हज़ार के नोटों की छपाई हुई कम

2000 के नोट को जारी करने का इकलौता मकसद सिस्टम में तुरंत कैश उपलब्ध कराना था. अधिकारी ने बताया कि ‘2000 रुपये के नोटों की प्रिटिंग काफी कम कर दी गई है, तो अब आपको पता चला की 2000 के नोट बंद होने वाली खबर एक मात्र अफवाह है. क्योंकि 2000 के नोट ‘नोटबंदी के बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए था’. इसलिए 2000 के नोटों की छपाई को न्यूनतम स्तर पर लाने का फैसला किया गया है, तो आपलोग 2000 के नोटों को लेकर बिलकुल निश्चिंत रहीए. क्योंकि आपको फिर से नोटबंदी जैसा झटका नहीं लगेगा. 2000 का नोट बंद नहीं होने जा रहा.