एक्टर नहीं बल्कि क्रिकेटर बनना चाहते थे इरफ़ान खान लेकिन महज इतने रूपये की वजह से ये सपना रह गया अधूरा

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता इरफ़ान खान काफी समय से कैंसर की बीमारी के जूझने के बाद आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. मंगलवार को अचानक से तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद उन्होंने बुधवार को अंतिम सांस ली. इरफ़ान खान के निधन की खबर आने के बाद हर तरफ शोक की लहर दौड़ गयी.

जानकारी के लिए बता दें इरफ़ान खान की जिंदगी से जुड़े ऐसे बहुत से किस्से हैं जो लोगों को आज भी विचलित कर देंगे. ऐसा ही एक किस्सा आज हम आपको इरफ़ान से जुड़ा बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आपको भी उनकी बात पर यकीन नहीं होगा. इसी बीच हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आप भी चौंक जायेंगे. इरफ़ान खान ने बॉलीवुड में जो महत्वपूर्ण योगदान दिया है उसकी जितनी तारीफ की जाये कम है.

इरफ़ान खान ने बॉलीवुड के लिए एक से बढ़कर एक कई बड़ी फ़िल्में दी हैं. ऐसे बहुत ही कम लोग होंगे जो इरफ़ान की जिंदगी का ये किस्सा जानते होंगे जो हम आपको बताने जा रहे हैं. जी हाँ फिल्मों की दुनिया का हीरो पहले क्रिकेटर बनना चाहता लेकिन मात्र 600 रूपये की वजह से उनका यह सपना संभव नही हो सका. दरअसल इरफ़ान के लिए एक घरेलू टूर्नामेंट सीके नायडू ट्राफी के लिए चुना गया था लेकिन उनके पास प्रवेश शुक्ल भरने के लिए 600 रूपये तक नहीं थे, जिसके बाद क्रिकेट में करियर बनाने का उनका सपना अधूरा रह गया.

गौरतलब है कि इरफ़ान खान ने साल 2014 में लोगों को इस बात से अवगत कराया था कि किस तरह उनकी बहन ने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा NSD में दाखिला लेने के लिए उन्हें 300 रूपये दिए थे. इतना ही नही एक इंटरव्यू में इरफ़ान ने कहा था कि मैं क्रिकेटर बनना चाहता था. मैं एक ऑलराउंडर था और जयपुर में अपनी टीम में सबसे युवा खिलाड़ी था. जब सीके नायडू टूर्नामेंट के लिए मुझे चुना गया था तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था, लेकिन उस वक्त मेरे पास एंट्री फी के 600 रुपए नहीं थे और मैं नहीं जानता था कि कौन मेरी मदद कर सकता है. इसलिए मैंने क्रिकेट से खुद को दूर करने का फैसला लिया’.