IRCTC घोटाला में लालू को अग्रिम ज़मानत, 11 फरवरी को अगली सुनवाई

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“ईचक दाना.. बीचक दाना.. दाने ऊपर दाना

मेरा पेट ना भरता, मैं करता जाऊं घोटाला “

आप सोच रहे होंगे क्या गाने के साथ घोटाला मिक्स कर दिया मैंने…

यह मिक्सिंग इसलिए हो गई क्यूंकि सुबह जब मैं गाने सुन रही थी.. तभी मेरी नज़र पड़ी “लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को मिली बेल”

फिर मैंने पूरी खबर पढ़ी.. तो यह मामला चारा घोटाला का नहीं है… यह है IRCTC घोटाला… बाबा रे कितने घोटाले किये हैं इन्होनें… एक की सजा तो काट ही रहे हैं.. और दुसरे में इनको बेल मिल गई है.. खैर बेल का फायदा इनको नहीं हुआ है..  मगर इनकी धर्मपत्नी श्रीमती राबड़ी देवी जी और सुपुत्र तेजस्वी यादव को मिला है.. IRCTC घोटाले की अगली सुनवाई 11 फ़रवरी को होगी.

मुझे पता है आप लोग भी हैरान होंगे कि यह कोनसा नया घोटाला है.. इसके बारे में तो हमने सुना ही नहीं..

तो अब आपको बता देते हैं कि क्या है IRCTC घोटाला??

  • मई 2004 में जब केंद्र में UPA सरकार थी तब लालू प्रसाद यादव को यूनियन रेलवे मंत्री बनाया गया था, उस वक़्त DR. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे.
  • फरवरी 2005 में इंडियन रेलवे रांची और पूरी में अपने दो नए होटल शुरू करती है, और उसी दिन पटना की एक कंपनी M/S सुजाता होटल जो पटना में ही होटल चाणक्य चलाती है, पटना के सगुना मोड की  एक ज़मीन जिसकी कीमत 94 करोड़ है उसे DELITE मार्केटिंग नाम की एक कंपनी को मात्र 1 करोड़ 47 लाख में बेच देती है
  • 3 नवम्बर 2006 को रेलवे रांची और पूरी के BNR होटल्स की मेंटेनेंस का टेंडर निकलती है. लेकिन सुजाता M/S टेंडर भरने के मापदंडों को पार नहीं कर पाता.
  • 16 नवम्बर 2006 को टेंडर प्रक्रिया को आसान कर दिया जाता है, सुजाता होटल अबकी बार यह टेंडर भर देती है
  • और 27 दिसंबर 2006 को सुजाता होटल्स को रांची और पुरी में रेलवे के बीएनआर होटलों के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है।
  • साल 2007 में ही DELITE MARKETING कंपनी जिसने 94 करोड़ की ज़मीन सुजाता होटल्स से मात्र 1 करोड़ 47 लाख में खरीदी थी अपने सारे शेयर मात्र 64 लाख रुपये में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम ट्रान्सफर हो जाते हैं.. कंपनी बाद में नाम बदलकर मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और फिर मैसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी कर देती है

सब कुछ एक दम टनाटन चल रहा होता है… एकदम मस्त कोई टेंशन नहीं होती… और फिर दस साल बाद साल 2017 में सीबीआई को होता है शक, और फिर सीबीआई लालू यादव और उनके पूरे परिवार के खिलाफ कर देती है चार्जशीट फाइल… और तेजस्वी भैया बोलते हैं.. “तब तो मेरे मूंछे भी नहीं आई थी, इतनी छोटी उम्र मैं इतना बड़ा घोटाला कैसे कर सकता हूँ.. मुझे क्यूँ लपेटे में ले रहे हो”

तो भैया मात्र 26 साल का लड़का जो सिर्फ 9th पास है और सात मैच में कुल एक विकेट और 37 रन बना पाता है.. और इतनी छोटी उम्र में बिना कोई बिज़नस और जॉब करे साल का 2.5 करोड़ कमा लेता है तो कुछ भी कर सकता है.

खैर लालू जी तो वैसे ही चारा घोटाला में सजा काट रहे हैं.. लेकिन जमानत के तुरंत बाद तेजू भैया निकल गए बंगाल ममता दीदी से मिलने. खैर इस मामले पर अगला फैसला अब 11 फरवरी को आएगा.