ईरान ने शुरू की ब’दले की जं’ग, अमेरिकी दूतावास को किया धुआं धुआं

4807

ईरान के जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौ’त के बाद से ही ईरान और अमेरिका के बीच त’नाव दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है.बग़दाद में अमेरिकी दूतावास पर बीती देर रात को ब’मबा’री की गयी. इसके साथ अमेरिकी फौजी बेस पर भी ह’मला किया गया था. लेकिन ह’मले में किसी भी व्यक्ति के मा’रे जाने की कोई खबर नहीं हैं. बता दें इस पूरे मामले को सुलेमानी की मौ’त से जोड़ कर देखा जा रहा है. जिसकी वजह से त’नाव बना हुआ है. लेकिन अभी तक किसी ने भी इस ह’मले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

दरअसल सुलेमानी के खा’त्मे के बाद जिस बात के कयास लगाये जा रहे थे बग़दाद में अमेरिकी दूतावास में ह’मले से उस बात की पुष्टि हो गयी. बीती रात को अमेरिकी दूतावास में ब’मबारी की गयी. जिसमें एक रॉ’केट अमेरिकी दूतावास के अन्दर गिरा जबकि दूसरा दूता’वास के पास आकर गिरा. जिसके बाद आस पास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी. ह’मला होते ही अमेरिकी फौज हरकत में आ गयी जिसके बाद अमेरिकी दूतावास पर हेलिकॉप्टर ग’श्त देने लगा. बता दें बगदाद के ग्रीन जोन में अमेरिकी फौज के बेस पर रॉ’केट से ह’मला किया गया था. ग्रीन जोन में अमेरिकी दूतावास के अलावा अन्य सरकारी इमारतें भी हैं. जो सुरक्षा के लिहाज़ से कई गुना बेहतर है.अमेरिकी दूतावास से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर ही बलाद एयरफोर्स बेस पर भी दो रॉ’केट दागे गए. लेकिन सुरक्षाबलों का कहना हैं कि ह’मले में किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ हैं.  

बता दें ये ह’मला तब हुआ जब इराक ने क़ासिम सुलेमानी को एयर स्ट्राइक में मा’र दिया था. जिसमें अमेरिका के 8 लोग भी मा’रे गए थे. लेकिन ईरान ने अभी तक अमेरिकी दूतावास पर हुए ह’मलों की जानकारी नहीं ली हैं. इराक ने ह’मले के बाद से ही बग़दाद के आस पास में सुरक्षा एमरजेंसी लगा दी है. हा’लाँकि इस घटना के बाद से अमेरिका ने भी मध्यपूर्व इलाकों पर अपने 3000 सैनिकों को तैनात कर दिया हैं वहीं पिछले साल मई से अबतक इस इलाके पर 14000 से ज्यादा सैनिकों की तैनाती की जा चुकी हैं.

अमेरिका ने इस ह’मले का आरोप ईरान और इराक पर लगाया है और कहा है कि वो इसके अंजाम के लिए तैयार रहें. दरअसल इस ह’मले के बाद से ही इसे ईरान और इराक की साज़िश से जोड़ा जा रहा हैं. पिछले महीने उत्तरी इराक में ह’मले में एक अमेरिकी ठेकेदार की मौ’त हो गयी थी. जिसके जवाब में अमेरिका ने एयर स्ट्राइक करके 35 लड़ाकों को मा’र गिराया गया,जो ईरान के समर्थन में ह’मलों को अंजाम दे रहे थे. इराक में इस वक्त करीब  5200 अमेरिकी जवान तैनात है और पश्चिम एशिया में जहां अमेरिकी फौज का ठिकाना है, वहां अमेरिकी ठिकानों पर ख’तरे के बादल मंडरा रहे हैं.