कंगाल पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक ने दिया ऐसा झटका कि सह नहीं पायेगा

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कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान को एक और करारा झटका लगा है . पाकिस्तान पर पहले से ही अरबों डॉलर का कर्ज चढ़ा हुआ है, अब वो इंटरनेश्नल कोर्ट में एक ऐसा केस हार गया है जिसके लिए उसे 40 हज़ार करोड़ रुपये चुकाने होंगे . अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने जुलाई में ही पाकिस्तान को कंगाली से उबरने में मदद के लिए 6 अरब डॉलर की मदद देने का ऐलान किया था लेकिन कुछ शर्तों के साथ . अब पाकिस्तान को इन पैसों में से काफी बड़ी रकम केस हारने की सूरत में चुकानी पड़ेगी .

मामला है वर्ल्‍ड बैंक से जुड़े कोर्ट-इंटरनेशनल सेंटर फॉर सेटलमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट डिस्प्यूट्स (ICSID) का . ICSID ने बलूचिस्तान में रिको डिक खदान के सुदे को रद्द करने के एवज में पाकिस्तान पर  5 अरब 97 करोड़ डॉलर का जुर्माना ठोका . इस रकम को अगर रुपयों में बदलें तो ये रकम होती है 40 हजार करोड़ रुपये . पाकिस्तान ये केस हार गया है तो अब उसे जुर्माने की रकम चुकानी पड़ेगी.

पाकिस्रण पहले से ही बर्बादी के कगार पर खड़ा है, हालात यहाँ तक बिगड़ चुके हैं कि कर्जे चुकाने के लिए और फिजूलखर्ची रोकने के लिए इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनने के बाद महँगी गाड़ियों और पीएम आवास की भैसों को बेचने का निर्णय लिया था . लेकिन इससे भी कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ा .

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता इतनी ख़त्म हो चुकी है कि अब कोई उसे आर्थिक मदद देने को भी तैयार नहीं होता. पिछले 10 सालों में पाकिस्तान का कर्ज 6 हज़ार अरब से बढ़कर 30 हज़ार अरब तक पहुँच गया है . पाकिस्तानी सर्कार अपनी जनता से जितना टैक्स वसूल करती है उसका आधा से ज्यादा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय कर्जों को चुकाने में निकल जाता है . ये बातें प्रधानमंत्री इमरान खान खुद कई बार कह चुके हैं .