इंस्टाग्राम के बॉयज लॉकर रूम का लिंक नोएडा से भी जुड़ा, कई लड़कों की हुई पहचान, मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

इंस्टाग्राम के बॉयज लॉकर रूम ग्रुप चैट का मामले में अब नया मोड़ आ गया है. दिल्ली पुलिस के साइबर सेल को शुरूआती जांच में कई बातें पता चली है जो काफी चौंकाने वाली है. इस चैट ग्रुप का लिंक साउथ दिल्ली से लेकर नोएडा तक जुड़ता दिख रहा है. इस चैट ग्रुप में साउथ दिल्ली के कुछ स्कोल्ली बच्चों के अलावा नोएडा के भी कुछ नामी स्कूलों के बच्चे भी शामिल थे. साइबर सेल ने अब तक दिल्ली और नोएडा के स्कूल के लड़कों की पहचान की है.

पुलिस की जांच में ये भी सामने आया कि सारे लड़के एक दुसरे को नहीं जानते थे. हर लड़का अपने अपने पहचान वालों को जोड़ता चला गया और इस तरह से ग्रुप बढ़ गया. साइबर सेल को ये भी पता चला है कि इस ग्रुप में कुछ बालिग़ भी शामिल है. यानी कि उनकी उम्र 18 साल से अधिक है. हालाँकि वो भी स्कूल के ही छात्र हैं. एक लड़का नोएडा के स्कूल का भी है. पुलिस ने लड़कों से पूछताछ की है. आगे भी पूछताछ की जा सकती है.

दूसरी तरफ अब बॉयज लॉकर रूम चैट ग्रुप का मामला अब सुप्रेम कोर्ट तक पहुंचा गया है. सुप्रीम कोर्ट में ऐडवोकेट ऑन रेकॉर्ड आनंद वर्मा, वकील कौस्तुब प्रकाश और शुभांगी जैन की ओर से लेटर पिटिशन दाखिल कर इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की गई है. तीनों वकीलों की ओर से लेटर लिखकर बॉयज लॉकर रूम मामले की सुनवाई की गुहार लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट को लिखे लेटर में कहा गया है कि ओअहल मीडिया लोगों को करीब लाने का एक माध्यम है लेकिन बॉयज लॉकर रूम स्कैंडल साबित करता है कि ये प्लेटफॉर्म महिलाओं को प्रताड़ित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है.

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि यह घटना बेहद डराने वाली है और ऐसे में कोर्ट को इस मामले में दखल देना चाहिए. दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले में कड़ी कारवाई की मांग की है. साइबर सेल ने केस दर्ज कर लिया है और जाँच जारी है.