बीमार बच्ची के रोने पर हुई शौहर की नींद ख़राब, गुस्से में दिया तीन तलाक

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मुस्लिम महिला एक्ट 2019 के बाद तीन तलाक को अपराध में रखा गया है, इस कानून में मुजरिम के लिये तीन साल तक के कारावास का प्रावधान है, लेकिन इसके बावजूद भी अब तक देश के अलग-अलग इलाकों से तीन तलाक के मामले कम नहीं हो रहे हैं. ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश से सामने आया है जहां 21 वर्षीय महिला ने अपने पति के ऊपर आरोप लगाते हुए पुलिस का दरवाजा खटखटाया और कहा है कि उसकी एक साल की बीमार बच्ची के देर रात रोने से नींद में खलल पड़ने पर उसके शौहर ने उसे तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया है.

बड़वानी जिले के सेंधवा कस्बे में मायके में रह रही उज्मा अंसारी ने अपने इंदौर निवासी पति अकबर और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उज्मा ने बताया कि अकबर के साथ उसका निकाह दो साल पहले हुआ था. उज्मा ने शिकायत में कहा कि मेरी बच्ची की तबीयत चार अगस्त को ठीक नहीं थी और वो रात में उठकर रोने लगी. इससे मेरे पति की नींद ख़राब हो गई. वो मुझे और बच्ची को मार डालने की धमकी देने लगे. इस बात पर हम दोनों की बहस सुनकर मेरे ससुर और जेठ हमारे कमरे में आ गए. फिर इन सभी ने मेरे साथ मारपीट की और मेरी बेटी को पलंग से नीचे फेंक दिया. उज्मा ने आगे बताया कि फिर उसके शौहर ने ससुराल वालों के सामने उसे तीन तलाक बोल दिया. फिर उसको और बच्ची को घर से बाहर निकाल दिया.

बड़वानी जिले के एसपी ने बताया कि घटना इंदौर की है, इसलिए मामले को वहां ट्रांसफर कर दिया है. इंदौर के रावजी बाजार पुलिस थाने के प्रभारी सुनील गुप्ता ने कहा कि अभी तक उनके पास केस ट्रांसफर होकर नहीं आया है. मामला आने के बाद वो कार्रवाई शुरू करेंगे.