अटल जी के लिए इंदिरा ने रची थी साजिश, लेकिन जो हुआ उसे जान आप भी हो जाएंगे हैरान

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देश में चुनाव का माहौल चल रहा है..जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को हराने के लिए आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है..विपक्षियों को हराने के लिए कई तरीके के हथकंडे अपनाए जा रहे है…इसी कड़ी को देखते हुए हमें राजनीतिक इतिहास का एक किस्सा याद आ गया..जो की काफी दिलचस्प है और बहुत आश्चर्यजनक भी..

क्या आपको पता हैं कि एक बार इंदिरा गांधी ने वाजपेयी की रैली को रोकने के लिए लोगों की कमजोरी का फायदा उठाया था..

दरअसल, बात 1977 की है जब दिल्ली के रामलीला मैदान में तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ बीजेपी की रैली थी..इस रैली में वाजपेयी की स्पीच भी होनी थी…पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वाजपेयी जी की रैली फ्लॉप करने के लिए उस दशक की सुपरहिट फिल्म ‘बॉबी’ का टेलीकास्ट दूरदर्शन पर करा दिया था। यह किस्सा उस वक्त वाजपेयी की रैली कवर करने पहुंची पत्रकार तवलीन सिंह ने बीबीसी से बातचीत में शेयर किया था..

तवलीन ने इस रैली की यादें शेयर करते हुए कहा था, “यह शायद वाजपेयी की विंटेज रैली का सबसे अच्छा Example  था। सर्दी का मौसम था..हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में बूंदाबांदी भी हो रही थी। बावजूद इसके हजारों लोग वाजपेयी को सुनने रामलीला मैदान में जमा थे, दिलचस्प बात यह थी कि इंदिरा सरकार ने उस दिन दूरदर्शन पर 1973 की सुपरहिट फिल्म ‘बॉबी’ का प्रसारण कराया था। ताकि लोग फिल्म देखने में बिजी रहें और वाजपेयी की रैली फ्लॉप हो जाए।” लेकिन इसके बाद भी जो नजारा रैली में देखने को मिला वो वाकई विंटेज वाजपेयी की लोकप्रियता ही थी..

बीजेपी की रैली 4 बजे ही शुरू होने वाली थी लेकिन अटल बिहारी बाजपेयी की बारी आते आते रात के साढ़े नौ बज गए थे..लेकिन मैदान में जमा काफिला किसी भी सूरत में उन्हें सुनना चाहता था। न तो जनता ने उस वक्त ठंड की परवाह की और न ही यह कि टीवी पर ‘बॉबी’ दिखाई जा रही है..सरकार की मंशा साफ थी, वह विपक्ष से डरी हुई थी और वह नहीं चाहती थी कि लोग विपक्ष या वाजपेयी के भाषण सुनने पहुंचे..लेकिन वाजपेयी का जादू ही ऐसा था कि लोगों के लिए उनसे बढ़कर और कुछ नहीं था..नतीजा सरकार की एंटरटेनमेंट ट्रिक पूरी तरह फेल हो गई और जनता डटी रही और अटलजी की स्पीच सुनकर ही वहां से निकली..

बहरहाल..आम चुनाव होने वाले है और ऐसे में ऐसी खबरें आना की कांग्रेस कार्यकर्ता पीएम मोदी के तारीफ में बोलने वाले प्रशंसकों को पिट देते है तो कभी कही से ये खबर आती है कि राहुल गांधी अपनी मर्यादा को खोकर बीजेपी नेताओं पर अजीबों-गरीब बयान दे कर खुद ही फंस जाते है…और अभी हाल ही में तो खबरों में राहुल गांधी के रैली के दौरान पत्रकारों पर हो रहे हमले की भी खबरें जोरों से चल रही है..ऐसे वक्त में हमें वो दिन याद आते है जब लोग सबकुछ छोड़ छाड़ कर नेताओं की रैली में भाषण सुनने के लिए जाते थे और एक आज का वक्त है जब लोग नेताओं की रैली में जाने से डरते है कि कही उनपर कोई हमला ना हो जाए..