सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक के बाद भारत ने की स्पेस स्ट्राइक, अन्तरिक्ष शक्ति बनने वाला भारत अब विश्व में चौथा देश

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भारत के इतिहास में आज का दिन बहुत ही गौरव शाली रहा, यह वो दिन है जब भारत ने जल थल वायु के साथ साथ स्पेस यानि अन्तरिक्ष में भी अपनी शक्ति का परिचय दे दिया.. आपने अब तक सुना कि भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की.. एयर स्ट्राइक की.. आज भारत ने स्पेस स्ट्राइक भी कर दी…

स्पेस स्ट्राइक में आज भारत की A-SAT मिसाइल ने 300 किलोमीटर दूर मौजूद एक लाइव सॅटॅलाइट को मार गिराया

इस स्पेस स्ट्राइक को अंजाम दिया गया LEO यानि लो अर्थ ऑर्बिट में


मात्र तीन मिनट के इस ऑपरेशन में भारत की A-SAT सॅटॅलाइट ने LEO में 300 किलो मीटर दूर मौजूद एक लाइव सॅटॅलाइट को मार गिराया और ऐसे स्पेस में भी सुपरपावर बन गई.. इस मिशन का नाम था “मिशन शक्ति”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मिशन शक्ति को सफलतापूर्वक पूरा किया गया, अमेरिका, रूस और चीन के बाद स्पेस शक्ति बनने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन चुका है…


आपको याद होगा साल 1998 जब भारत नुक्लेअर शक्ति देश बन गया था पोखरण टेस्ट के बाद.. वो गौरवशाली दिन हमें नसीब हुआ था उस वक़्त के प्राइम मिनिस्टर अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में, दुनिया की नजरों से छिपकर पोखरण टेस्ट को अंजाम दिया गया था.. और आज स्पेस में भी भारत विश्व शक्ति बन कर उभर आया है.. अब जल, थल, वायु के साथ साथ भारत अन्तरिक्ष में भी अपनी शक्तियों का परचम लहरा चुका है.. और दुश्मन को बता चुका है कि अब भारत सिर्फ जमीन, पानी और आसमान से ही नहीं बल्कि अन्तरिक्ष से भी घेराबंदी करने की शक्ति रखता है.. PM मोदी के नेतृत्व में आज एक और गौरवशाली दिन भारत के इतिहास में दर्ज हो चुका है.
मात्र तीन मिनट में अंजाम दिए गए इस मिशन का नाम था “मिशन शक्ति” जो ख़ास था क्यूंकि इस तरह के गौरव को हासिल करने वाला वो विश्व भर में चौथा देश है और पूरा प्रोजेक्ट पूर्णत: स्वदेशी भी है.

prime minister Narendra Modi addressing nation after successful completion of “MISSION SHAKTI”


लगभग 300 किलोमीटर दूर मौजूद इस लाइव सॅटॅलाइट को गिराए जाने वाले इस मिशन के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रधानमंत्री ने ये भी आश्वस्त किया कि यह मिशन किसी भी देश के खिलाफ नहीं है, ना ही इसका उपयोग किसी देश के खिलाफ होगा बस यह अन्तरिक्ष में भारत की रक्षा के लिए की गई एक पहल है जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ भारत को अन्तरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करना, और अधिक सुरक्षित बनाना और साथ ही साथ शान्ति और सद्भाव वाला देश बनाना है. ऐसा कहते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के अन्तरिक्ष शक्ति के तौर पर स्थापित होने के पर सभी देशवासियों को बधाई दी