2019 में भारत के 10 सबसे अमीर राज्य

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दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में शुमार भारत भी अब बाकी विक्सित देशों की ही तरह प्रगति की रहा पर तेज़ी से चल रहा है, जैसे-जैसे ये राष्ट्र आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हमारे राज्य भी आगे बढ़ रहे है. लेकिन उनके बीच हमेशा एक समान विस्तार हो ये बात मुमकिन नहीं होती इसलिए आज हम आपको बताएँगे की भारत में कोंसे प्रदेश इस वक्त सबसे ज्यादा समृद्ध हैं.

अब ये बात सही रूप से परिभाषित करना कठिन है कि कौन राज्य किस्से आगे है और कितनी वृद्धि कर रहा है. इसे देखने के कई पहलू हैं. ये जानने के लिए की कोन सा प्रदेश कितने आगे है, हम उनकी GDP को कोम्परे करते है, उसके साथ साथ उन प्रदेशों की आर्थिक प्रगति को भी तुलना कर हमने ये लिस्ट तैयार की है.
 

1. महाराष्ट्र

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इस प्रदेश की राजधानी है महानगरी मुंबई, जिसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहा जाता है. इस वक्त महारास्त्र की जीडीपी है 2,696,505 Cr से ज्यादा है. साथ ही साथ सूचना प्रौद्योगिकी के अतिरिक्त अन्य कई उद्योग महाराष्ट्र सबसे आगे है. महाराष्ट्र की 2018 की वार्षिक आय 25.35 लाख करोड़ रूपए थी और साथ ही ये राज्य लगातार आर्थिक प्रगति कर रहा है.

2. उत्तर प्रदेश

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भारत में सबसे अमीर राज्यों में से, एक यू.पी भी है . वर्तमान में 14.46 लाख करोड़ रूपए जी डी पी है जो की पिछले साल 2018 से काफी ज्ययादा है. देश की पूरी जीडीपी में उत्हतर प्रदेश की लगभग 8.27 प्रतेशत की हिस्सेदारी है. साथ ही ये सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और इसलिए इसमें काम करने वाले हाथ अधिक हैं, जिसकी वजह से अब वो इतनी तेज़ी से प्रगति कर रहा है.

3. तमिलनाडु

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दक्षिण भारत में स्थित तमिल नाडू वैसे तो अपने ऐतिहासिक मंदिरों और अद्भुत कल्चर के लिए जाना जाता है. ये सबसे उन्नत और साक्षर राज्यों में से एक है जिससे इसे ‘मॉडल राज्य’ कहते हैं. 13.39 लाख करोड़ रूपए वर्तमान जी डी पी है. ये तेज़ी से प्रगति भी कर रहा है. आने वाले समय में इसकी जीडीपी 15.37 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है.

4. कर्नाटक

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दक्षिण भारत में दूसरा सबसे समृधि प्रदेश है कर्सानाटक, इस प्रदेश ने पिछले 10 सालों में काफी विकास देखा है. इस प्रदेश की जीडीपी इस वक्त 12.80 लाख करोड़ रूपए है. साथ ही पूरे देश के जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 7.52 प्रतिशत है. कर्नाटक का प्राथमिक केंद्र बंगलौर है जो की देश के सबसे तेजी से विकासशील शेहरों में से एक है जहाँ एक विशाल आई.टी. उद्योग है. इसे भारत का आईटी हब कहा जाता है.

5. गुजरात

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इस राज्य के डेवलपमेंट मॉडल को मोदी सरकार ने 2014 के चुनावों में प्रचारित किया था. ये क्षेत्र पानी के आभाव झेलता रहा है लेकिन इसने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के साथ-साथ अपने आपको विकासशील बनाए रखा है. यह देश में सबसे प्रभावशाली और अत्यधिक श्रद्धेय राज्यों में से एक है. इसकी वर्तमान जी डी पी 12.75 लाख करोड़ रूपए है. गुजरात को व्यापार के लिए अनुकूल राज्य माना जाता है. फ़िलहाल ये भारत की पूरी जीडीपी में 7 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है.

6. पश्चिम बंगाल

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ब्रिटिश शानन में देश की राजधानी के रूप में रहा पश्चिम बंगाल 2019 में देश का छठा सबसे अमीर राज्य है. देश की आजादी के बाद भी ये भारत का सबसे प्रगतिशील राज्य हुआ करता था, लेकिन governance में कमी के चलते, इसमें अपना वर्चस्व खो दिया. फिलहाल इसकी जी डी पी 9.20 लाख करोड़ रूपए है. कोलकाता और इसके आस-पास के इलाकों में वर्तमान समय में ढांचागत गुणवत्ता में काफी वृद्धि हुई है.

7. राजस्थान 

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सुंदर रेगिस्तान की भूमि राजस्थान वर्तमान में 7.50 लाख करोड़ रूपए जी डी पी में शामिल है. इसकी आर्थिक आय का प्रमुख साधन पर्यटन है. राजस्थान के प्राथमिक शहरों में से एक जयपुर भी देश में सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक है.

 8.तेलंगाना

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हाल ही में बना राज्य तेलंगाना आंध्र प्रदेश से अलग हो कर अपनी अलग पहचान हासिल की. तीव्र गति से बढ़ते औद्योगिक केंद्रों में से एक होने के नाते, तेलंगाना 7.50 लाख करोड़ रूपए की जी डी पी के साथ इस सूची में प्रवेश करने की अनुमति पाता है. अनुमान के मुताबिक तेलागना आने वाले समय में 5 वा सबसे समृद्ध राज्य बन जाएगा.

9. केरल

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यह राज्य इस देश का अनऑफिसियल हनीमून डेस्माटिनेशन है, ये जगह मालाबार के उष्णकटिबंधीय तट पर अपनी बढ़ती मछली पकड़ने और खेती की अर्थव्यवस्था के साथ इस वर्ष नौवें स्थान पर स्थापित है। केरल की वर्तमान जी डी पी 7.48 लाख करोड़ रूपए है. देश की पूरी जीडीपी में इस प्रदेश का 5 प्रतिशत योगदान रहता है.

10. मध्य प्रदेश

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मध्य प्रदेश को देश के बिलकुल बीचों बीच स्थित है. इसे भारत का दिल भी कहा जाता है. वर्तमान में मध्य प्रदेश की जी डी पी 7.35 लाख करोड़ रूपए है. मध्य प्रदेश धीरे-धीरे मील के पत्थर के रूप में विकास कर रहा है जिससे वार्षिक प्रगति के दौरान उसकी जी डी पी और अधिक बढ़ जाती है. पिछले 15 सालों में इसने हर क्षेत्र में बढ़ोत्री की है. इस वक्त ये प्रदेश देश की जीडीपी में 4 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है.