भारत की कार्रवाई से सहमा चीन ?

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मंगलवार की सुबह एल ओ सी पार भारतीय एयरफोर्स द्वारा की गयी पुलवामा हमले की जवाबी कार्यवाही में, पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानो पर एयर स्ट्राइक कर लगभग 300 आतंकियों को मार गिराया गया| यह भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी जवाबी कार्रवाई मानी जा रही है | जहाँ एक ओर भारत 14 फ़रवरी को हुए आतंकी हमले से पूरा देश ग़मगीन और रोषित था,वही 11 दिन बाद दिए गए जवाब से सपूर्ण भारत में ख़ुशी का माहौल देखते ही बनता है|

पाकिस्तान हमेशा से आतंकवाद का गढ़ माना जाता रहा है,और आतंकवादियों और अलगाववादियों को पोसण देने वाला राष्ट्र भी है ,ये खुद पाकिस्तान कई बार साबित कर चुका है|चाहे वो मुंबई ट्रेन धमाके हो ,या पठानकोट हमला हर बार की तरह अपनी आदत से मजबूर भारत को आतंकित करने के बाद पाकिस्तान पीछे हट जाता है,और सबूतों की मांग करता है| जी हाँ ये वो देश है जो हिंदुस्तान के टुकड़े करने की बात करता है , और वो देश भी है जो अपने देश की अर्थव्यवस्था तक नहीं संभाल पा रहा है| क्यों? क्योंकि चीन जो कि हमारा एक और पडोसी देश है,भारत के साथ लम्बे समय से चले आ रहे सीमा विवादों के चलते , ” दुश्मन का दुश्मन दोस्त” वाली नीति अपनाकर पाकिस्तान की मदद करता आया है|

लन्दन में हुए एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था की भारत ये कतई बर्दाश्त नहीं करेगा की कोई उसे आतंक का निर्यात करे|मोदी जी ने यह पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा था कि कुछ लोगों ने अपने यहाँ आतंक निर्यात की फैक्ट्री खोल रखी है|जिसके जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनियंग ने कहा था कि,अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंक के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान को समर्थन देना चाहिए| और यही नहीं पिछले दिनों चीन ने पाकिस्तान को 6 अरब डालर की आर्थिक मदद कर आतंकवाद की फंडिंग करने का काम किया है|
चीन ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान से ‘संयम बरतने’ का आह्वान किया और नयी दिल्ली से आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए जारी रखने को कहा। चीन की यह टिप्पणी तड़के पाकिस्तान में आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर पर भारतीय लड़ाकू विमानों के हमले के कुछ घंटे बाद आई है।

18 सितंबर 2016 में उड़ी हमले के बाद भारतीय कमांडो ने 28-29 सितंबर की रात पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकियों के लॉन्चिंग पैड ध्वस्त कर दिए थे। इसके बाद से दोनों देशों के बीच बातचीत बंद हो गई थी। कश्मीर मुद्दे पर चीन का हमेशा से यही कहना रहा है कि बातचीत के जरिए ही यह विवाद करना चाहिए। इस बारे में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पहले ही साफ कर चुकी हैं कि बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते।

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच संबंधों की खाई काफी गहरी हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह पाकिस्‍तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्‍मद और उसके प्रमुख सरगना मसूद अजहर है। इस मुद्दे पर संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत चीन की बदौलत हमेशा मात खाता आ रहा है। चीन मसूद अजहर पर अपने निजी हितों की वजह से शिकंजा कसने नहीं देना चाहता है। आपको यहां पर बता दें कि पुलवामा के बाद कई देशों ने इस बात की आशंका जाहिर की थी, कि भारत और पाकिस्‍तान में जंग छिड़ सकती है।

पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों पर भारत के हवाई हमलों के संबंध में चीन की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने मीडिया से कहा, भारत और पाकिस्तान दक्षिण एशिया में दो महत्वपूर्ण देश है। दोनों के बीच मधुर संबंध और सहयोग दोनों देशों के हित में है और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए भी अहम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम उम्मीद करते हैं कि भारत और पाकिस्तान संयम बरतेंगे तथा अपने द्विपक्षीय रिश्तों को परस्पर और मजबूत करेंगे। इस प्रकार के बयान दे कर चीन हमेशा से पाकिस्तान को अपने फायदे के लिए समर्थन देता रहता है| और भारत की शांति में पाकिस्तान ही नहीं चीन भी रोड़ा बनता आया है|

कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर कायरानापूर्ण आतंकी हमले के विरोध में जनता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। लोगों द्वारा जनपद भर में पाकिस्तान के पुतले फूंक कर विरोध जताया जा रहा था। लोगों द्वारा आतंकवादियों के इस हरकत को दुर्भाग्यपूर्ण व कायरतापूर्ण बताया गया ।

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi in the Lok Sabha in New Delhi on Thursday. PTI Photo / TV GRAB (PTI2_25_2016_000155B)

पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने एक अलग ही अंदाज में इस स्ट्राइक का जिक्र किया। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद 40 जवानों की तस्वीर वाले मंच से मोदी ने कहा, ‘आज आपका मिजाज कुछ अलग लग रहा है, मैं आपका यह उत्साह समझ रहा हूं। यह ऐसा मौका है जब हम अपने देश के पराक्रमी वीरों को सिर झुकाकर नमन करें।’ इस दौरान पीएम ने कहा कि वह अपने देश का सिर नहीं झुकने देंगे।