केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही मोदी सरकार ने रेलवे की दशा को सुधारने के लिए एक से बढ़कर एक बड़े कदम उठाये हैं. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे लगातार बड़े कदम उठा रही है. केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं. इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. रेलवे भी इस वायरस को लेकर कई कदम उठा चुकी है. इसी बीच एक बड़ी खबर आ रही है.

जानकारी के लिए बता दें भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को कंबल और चादर नहीं देने का फैसला लिया था.इतना ही नही अभी हाल ही में बेंगलुरु आइसोलेशन सेंटर से भागकर आगरा पहुंची महिला ने गतिमान एक्सप्रेस में सफ़र किया था. कोरोना वायरस से पीड़ित इस महिला ने गतिमान एक्सप्रेस की जिस बोगी में सफ़र किया था रेलवे ने अब उसका जो काम किया है वो जानकर आप भी सोच में पड़ जायेंगे.

भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए उस बोगी को ही ट्रेन से अलग कर दिया है. रेलवे गतिमान एक्सप्रेस के उस कोच को सेनेटाइज कर रहा है. इतना ही नहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये भी बताया जा रहा है कि इस महिला ने जिस बोगी में सफर किया था उसमें 77 लोग सवार थे, रेलवे ने सावधानी बरतते हुए उन यात्रियों की डिटेल्स सरकार को सौंप दी है और स्वास्थ्य विभाग की टीम उनपर नजर बनाये हुए है.

गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग इन सभी यात्रियों को 14 दिन तक अपनी निगरानी में रखेगा. दरअसल यह महिला अपने पति के साथ हनीमून मनाने इटली गयी थी, जिसके बाद ये लोग फ्रांस और ग्रीस भी गये थे. 27 फरवरी को ये लोग जब वापस बेंगलुरु लौटे तो पति को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला. जिसके बाद दोनों लोगों को आइसोलेशन में रखा गया था. महिला आइसोलेशन से भागकर 8 मार्च को फ्लाइट से बेंगलुरु से दिल्ली पहुंची थी फिर ये महिला दिल्ली से गतिमान एक्सप्रेस से आगरा पहुंची थी, जिसके बाद रेलवे ने उस बोगी को अलग ही करने का फैसला लिया.