अपने इस प्लान के जरिये रेलवे कोरोना के चलते 13 लाख कर्मचारियों को दे सकता है ये बड़ा झटका

कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में कोरोना के मरीजों की संख्या हर दिन जबरदस्त तेजी से बढ़ती जा रही ही जोकि चिंताजनक है. भारत में अब कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 15 हजार के पार हो गयी है. केंद्र सरकार लगातार जनता को बचाने के लिए बड़े कदम उठा रही है और पीएम मोदी खुद जनता से अपील कर चुके हैं कि वह अपने घरों में ही रहें.

जानकारी के लिए बता दें पीएम मोदी ने इस महामारी से लड़ने के लिए जनता से pmcares फंड में जमा करने के लिए भी लोगों से अपील की थी. पीएम मोदी की अपील के बाद देशभर के लोगों ने जबरदस्त सहयोग दिया. पीएम मोदी समेत तमाम केंद्रीय मंत्री और सांसदों ने भी अपनी सैलरी में से 30 प्रतिशत सैलरी में कटौती करने का भी ऐलान किया. वहीँ इसी बीच एक बड़ी खबर रेलवे की तरफ से आ रही है.

कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते हो रहे घाटे को निपटाने के लिए रेल मंत्रालय बड़ा कदम उठाने जा रहा है. रेलवे अपने 13 लाख कर्मचारियों को बड़ा झटका दे सकता है. रेलवे इस घाटे की पूर्ति करने के लिए कर्मचारियों की सैलरी और भत्ते में कटौती की योजना बना रहा है. रेलवे अब इसके तहत यात्रा भत्ता, महगाई भत्ता समेत ओवरटाइम ड्यूटी के भत्तों को खत्म किया जा सकता है.

गौरतलब है कि इसके अलावा ट्रेन ड्राईवर और गार्ड को ट्रेन चलाने पर प्रतिकिलोमीटर के हिसाब से मिलने वाला भत्ता भी नही दिया जायेगा. लॉकडाउन और कोरोना के चलते रेलवे पहले से ही गंभीर आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. वहीँ बताया जा रहा है कि ओवरटाइम ड्यूटी के लिए मिलने वाले भत्ते में ५० फीसदी तक की कटौती की जा सकती है. हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार रेल मंत्रालय मेल एक्सप्रेस के ड्राईवर और गार्ड को 500 किलोमीटर पर मिलने वाले 530 रूपये भत्ते के रूप में दिए जाते थे, जिसे अब 50 फीसदी तक काटा जा सकता है.