चोर-बदमाशों की अब खैर नहीं, रेलवे हर स्टेशन पर लगाने जा रहा है ऐसा सिस्टम जो करेगा अपराधियों की पहचान

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केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही भारतीय रेलवे ने एक के बाद एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. भारतीय रेलवे हर दिन कामयाबी के कीर्तिमान स्थापित कर रही है. रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में रेलवे हर दिन एक न एक टेक्नोलॉजी को ला रही है जिसकी तारीफ भारत ही नही बल्कि अन्य देशों में भी होती है. अभी हाल में ही में भारत में बनी वंदे भारत ट्रेन ने एक साल पूरा किया. इस एक साल में इस ट्रेन ने रेलवे को बंपर कमाई करवाई.

जानकारी के लोए बता दें भारतीय रेलवे अब एक और बड़ा कारनामा करने जा रही है जिसे जानने के बाद आपको भी यकीन नहीं होगा. रेलवे जल्द ही स्टेशनों पर ऐसी तकनीकी का इस्तेमाल करेगी जो अपराधियों की पहचान कर लिया करेगा. आपको भी जानकर हैरानी होगी लेकिन ये सच है. अपने क्षेत्र से भागकर कहीं और जाने वाले चोर बदमाशों की अब खैर नहीं है.

दरअसल अपराधियों की पहचान करने के लिए रेलवे फेशियल रिकग्रिशन तकनीक का इस्तेमाल करने जा रही है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को इस बात की जानकारी दी. उन्होंने बताया है कि जल्द ही इस तकनीक से संदिग्ध की पहचान करने में आसानी हुआ करेगी और अपराध पर लगाम लगेगी. कहा जा रहा है कि साल 2022 तक देश के सभी स्टेशनों पर यह सिस्टल लागू हो जायेगा.

गौरतलब है कि दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार ये भी बताया गया है कि इस साल जून तक 6104 स्टेशनों पर चेहरा पहचानने वाले कैमरे लग जायेंगे. वहीं बताया गया है कि बड़े स्टेशनों पर अल्ट्रा एचडी मोड के 8 कैमरे और छोटे स्टेशनों पर ऐसे 4 कैमरे लगाए जायेंगे. इनसे बाहर से आने वाले लोगों पर पूरी नजर रखी जाएगी बाद e फिर इन्हें फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर से जोड़ दिया जायेगा जोकि अपराधियों की पहचान करने में मदद दिलाएगा.