श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लेकर रेलवे उठाएगा ये बड़ा कदम, जानिए क्या हैं ?

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कोरोना वायरस को लेकर देश में लॉक डाउन करना पड़ा था. जिसकी वजह से देश में कई जगह पर मजदूर फंस गए थे और उसके बाद मजदूरों ने अपने घर वापसी के लिए कूच कर दी. जिसको देखते हुए रेलवे ने उनको उनके गन्तव भेजने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई थी. ताकि जो भी मजदूर अलग लग जगह फंसे हैं वो अपने घर वापस पहुँच सके.

इंडियन रेलवे ने बताया की राज्य की तरफ से उसको अभी 321 श्रमिक ट्रेन चलाने के लिए अनुरोध मिला हैं. इसको देखते हुए रेलवे को अगर राज्य से ट्रेन चलाने की गुजारिश होगी तो वो उसको पूरा करेगा लेकिन उसके बाद रेलवे ने ये भी संकेत दिए हैं की वो श्रमिक स्पेशल ट्रेन को बंद भी कर सकता हैं.

रेलवे का कहना है कि ‘जब तक मांग रहेगी, वह इन ट्रेनों को चलाएगा.’ रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने 29 मई को राज्यों को भेजे गए पत्र में अनुरोध किया गया था कि वे अब भी लौटने को इच्छुक पंजीकृत प्रवासियों की अपनी सूची पर नजर दौड़ाएं और 30 मई तक ऐसी ट्रनों की अपनी जरूरत सामने रखें ताकि ऐसी सेवाओं की योजना आगे बनाई जा सके.

30 मई तक रेलवे को 321 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग प्राप्त हुई थी. रेलवे अबतक करीब 4000 ऐसी ट्रेनों से करीब 56 लाख प्रवासी मजदूरों और कामगारों को उनके घर पहुंचा चुका है. लेकिन अब इन ट्रेनों की मांग घट गई है. जिसको देखते हुए उसने ये विचार किया है की अगर मांग नहीं है तो श्रमिक ट्रेन को बंद कर देगा.

आपको बता दें की जो 321 ट्रेनों की मांग की गई है वो ट्रेन ज्दातर बंगाल के लिए मांगी गई हैं. रेलवे ने कहा है की 321 ट्रेनों को पूरा करने की छमता रेलवे रखता हैं और वो उसको दो दिनों में पूरा भी कर देगा. लेकिन उसके बाद अगर ट्रेन की मांग कम होगी या नहीं होगी तो हो सकता हैं वो श्रमिक स्पेशल ट्रेन को बंद भी कर सकता हैं.