भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन में भी कर दिखाया बड़ा कारनामा, ऐसा करने वाली दुनिया की पहली रेल बनी

केंद्र में जबसे मोदी सरकार आई है तभी से ही भारतीय रेलवे में हर दिन सुधार को लेकर एक के बाद एक बड़े कदम लगातार उठाये हैं. मोदी सरकार में भारतीय रेलवे में तमाम सुधार और यात्रियों के हित को लेकर कई बड़े कदम उठाये गये हैं. कोरोना जैसी महामारी में भी भारतीय रेलवे ने शानदार काम किया है, रेलवे के काम की जितनी तारीफ की जाये कम है.

जानकारी के लिए बता दें कोरोना महामारी के बीच भारतीय रेलवे ने श्रमिक ट्रेन चलाकर अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाया है. नही तो लोग सड़कों पर पैदल ही पलायन कर रहे थे. सरकार ने जनता की हालत देखते हुए ये कदम उठाया था. पिछले कई महीनों से ट्रेनों की आवाजाही कोरोना के चलते बंद रही थी. अब भारतीय रेलवे ऐसी स्थिति में भी बड़ा कारनामा करने जा रही है.

दरअसल रेलवे ने इंडियन रेलवे ने कम समय में ज्यादा से ज्यादा माल ढुलाई को लेकर एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. इतना ही नहीं रेलवे ने पहली बार डबल स्टैक कंटेनर को इलेक्ट्रिक रूट पर चलाने में भी सफलता प्राप्त की है. हाई राइज ओवर हेड इक्विपमेंट को लेकर रेलवे ने अपनी तरह का एक नया बेंचमार्क तय किया है. 7.57 मीटर की ऊंचे वायर वाले रूट पर पश्चिम ने यह प्रयोग करके बड़ा कारनामा किया है. रेलवे द्वारा किया गया यह प्रयोग दुनिया में अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयोग है इससे ग्रीन इंडिया मिशन को पूरा करने में कामयाबी मिलेगी.

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे अब दुनिया की एक ऐसी पहली रेलवे बन गयी है जिसने डबल स्टैक कंटेनर की मदद से माल ढुलाई की है. रेलवे द्वारा किया गया यह प्रयोग 10 जून को गुजरात के पालनपुर और बोटाद स्टेशन के बीच किया गया है. दरअसल रेलवे का लॉकडाउन के चलते भारी नुकसान हुआ है तो ऐसे में रेलवे इस कोशिश में लगी हुई है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल से ज्यादा माल की ढुलाई कर पैसे कमाए जाये. 1 अप्रैल से लेकर 10 जून के बीच रेलवे ने 178.65 मिलियन टन सामानों की ढुलाई की है.