रेलवे ने कोरोना से निपटने के लिए निकाला नया तरीका, अब ट्रेन के डिब्बे भी होंगे इस्तेमाल जानिए कैसे ?

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कोविड-19 यानी की कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए पीएम मोदी ने संक्रमण को रोकने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू कर रखा है. लॉकडाउन करना भी भारत के लिए बहुत जूरूरी हो गया था. क्योंकि जिस तरह से कोरोना देश के अंदर अपने पैर पसार रहा था. उसको देखते हुए पीएम मोदी को ये कदम उठाना पड़ा. कोरोना को देखते हुए अब रेलवे भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है.

रेलवे ने ये फैसला लिया है कि आज वो अपने स्तर पर तमात प्रकार की तैयारियां कर रहा है. जिससे कोरोना से संक्रमित लोगों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो और सबका इलाज तुरंत किया जा सके. इसी सबको देखते हुए आज रेलवे ने भी अपने ट्रेन के डिब्बों में आइसोलेशन वार्ड बनाने का ऐलान कर दिया है. इनमें सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के पालन के लिए काम चालू कर दिया गया है.

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में देश एकजुट होकर खड़ा है. इसी कड़ी में रेलवे भी पीछे नही है. आज उसने अपने नॉन ऐसी डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दीलकर दिया है. रेलवे का कहना हो कि इसको मंजूरी मिलने का बाद हर जोन में 10-10 बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में बदलना शुरू कर देगा. रेलवे के मुताबिक, इससे दूर-दराज को इलाकों में कोरोना वायरस के मरीजों के लाज में मदद मिलेगी. रोलवे ने दावा किया है कि 3 लाख आइसोलेशन वार्ड बनाए जा सकते हैं.

दरअसल रेलवे ने जिन कोच में आइसोलेशन वार्ड बनाया है, उनमें टॉयलेट और साटों को भी मॉड्फाई किया गया है. इसके अलावा बॉथरूम की भी व्यव्स्था है. रेलवे के इस आइसोलेशन  वार्ड में डॉक्टर भी मौजूद रहेंगे. इसके अलावा वहां पर साफ- सफाई का भी पूरा ध्यान रखा जायेगा. एक हिसाब से ये भी कहा जा सकता है कि रेलवे अपने कोच को एक तरह से जनता की मदद के लिए हॉस्पिटल बना रही है. ताकि कोरोना से संक्रमित लोगो को तुरंत इलाज मिल सके ऐर वो लोग जल्दी ठीक हो सकें.