देश की राजनीति में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जो अब कोरोना के चलते होने जा रहा है

कोरोना ने इस समय देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की हालात खराब कर दी है. कोरोना न जानें कितनी चीजों को गड़बड़ कर दिया है. सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी मरीजों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है. सैंकड़ों लोग हर दिन इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं जिसने सरकार की नींद उड़ा दी है. पीएम मोदी लोगों से यही अपील कर रहे हैं कि वह लॉकडाउन का पालन करें और घरों में ही रहें.

जानकारी के लिए बता दें देश के 6 राज्यों की 17 राज्यसभा सीटें गुरूवार को रिक्त हो रही हैं, जिसमें गुजरात और आंध्र प्रदेश में चार-चार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में तीन-तीन, झारखंड में दो और मणिपुर की एक सीट शामिल है. इतना ही नहीं 12 अप्रैल को एक सीट मेघालय से रिक्त हो रही है. चुनाव आयोग ने इन सीटों पर चुनाव के लिए 26 मार्च का ऐलान किया था. इन सीटों पर उच्च सदन में पहुंचने की उम्मीद लगाये बैठे लोगों के लिए अभी और भी इंतजार करना पड़ेगा.

कोरोना के चलते राज्यसभा की खाली हुई सीटों पर चुनाव नही हो पाया है. देश में अब ऐसा पहली बार होगा जब 6 राज्यों की 17 राज्यसभा सीटें खाली ही रहेंगी. कोरोना के बढ़ते प्रकोप ने राजनीति में भी एक इतिहास बना दिया है. अभी की स्थिति को देखते हुए फ़िलहाल चुनाव के आसार नही दिखाई दे रहे हैं. ऐसा कभी नही हुआ कि इन राज्यों के राजनीतिक इतिहास में राज्यसभा की सीटें खाली रही हों.

गौरतलब है कि चुनाव आयोग राज्यसभा की सीटें रिक्त होने से पहले ही चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कर देता है जिससे राज्यसभा की सीटें किसी भी हालत में रिक्त न रहें. जिसके चलते ही 25 फरवरी को ही चुनाव आयोग ने अप्रैल में खाली होने जा रही 55 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के लिए 26 मार्च को चुनाव करवाने की घोषणा कर दी थी लेकिन कोरोना के चलते अब इसे अनिश्चितकालीन के लिए टाल दिया है. 37 राज्यसभा सीटों पर निर्विरोध सदस्य चुने जा चुके हैं लेकिन वे अभी शपथ नही ले सकें हैं हालाँकि उन्हें सर्टिफिकेट मिल गया है.