लद्दाख में चीन को जवाब देने के लिए भारत की तैयारी, नौसेना की टीम पहुंची पैंगोंग सो झील

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चीन इ साथ तनाव को सुलझाने के लिए एक तरफ तो भारत चीन के साथ लगातार बातचीत कर रहा है वहीं दूसरी तरफ चीन के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारत ने चीन के बराबर अपनी तैयारियां कर ली है भारत में अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ा कर चीन के बराबर कर दिया है. साथ ही लद्दाख के सबसे महत्वपूर्ण पैंगोंग सो झील पर नौसेना की एक टीम भी पहुँच गई है. तनाव बढ़ने के मद्देनज़र चीन में पैगोंग सो झील में अपनी पेट्रोलिंग बोट बढ़ा दी. अब भारत ने भी चीन को जवाब देने के लिए वही कदम उठाया है. चीन को अब चीन की भाषा में ही जवाब दिया जाएगा.

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नौसेना की टीम वहां बोट हैंडलिंग और मेंटेंनेंस के लिए गई है. भारतीय पेट्रोलिंग टीम झील के एक तिहाई हिस्से में बोट के जरिये पेट्रोलिंग करती है. जबकि दो तिहाई हिस्से में चीन की सेना पेट्रोलिंग करती है. बीते कुछ दिनों में चीन ने अपनी पेट्रोलिंग बोट बढ़ा दी जिसके बाद भारत ने भी अपनी पेट्रोलिंग बढ़ा दी. समुद्र तल से 14 हजार फीट की ऊंचाई पर पैंगोग त्सो 135 किलोमीटर लंबी लेक है. इसकी 45 किलोमीटर का पश्चिमी हिस्सा भारत के नियंत्रण में है.

ये झील 2012 से ही विवाद का मुख्य बिन्दु बन गई. पहले चीन का पलड़ा भारी होता था लेकिन फिर भारत को नई हाईटेक क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) बोट मिली तो भारत चीन की बराबरी पर आ गया. इस बोट में जीपीसी, नाइट विजन डिवाइस के साथ सतह मशीनगन से भी लैश है. इस बोट में एक साथ 16 -17 सैनिक सवार हो सकते हैं. इस बोट के भारत के पास आ जाने के बाद चीन पैंगोंग सो झील में कोई हिमाकत करने से पहले 100 बार सोचता है. भारत ने ये बोट अमेरिका से खरीदा. भारतीय सैनिक 2012 से इस बोट में पेट्रोलिंग कर रहे हैं.