देश की इकनाॅमी को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी कर सकते है ये अहम फैसले

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आर्थिक सुस्ती के इस दौर में इकनाॅमी को पटरी पर लाने के लिए मोदी सरकार जल्द बड़े और चौंकाने वाले फैसले लेने वाली है. टैक्स में राहत और नौकरी बचाने वाले इन फैसलों की शुरुआत सोमवार से हो सकती है. यूं तो संकट से जूझ रही ऑटो इंडस्ट्री को पैकेज का संकेत पहले ही मिल चुका है, लेकिन सरकार इतने पर ही नहीं रुकेगी. पीएमओ सूत्रों के अनुसार, फैसले इस मकसद से लिए जाएंगे कि 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने के लक्ष्य में आगे बाधा न आने पाए. पूरे संकेत हैं कि इंडस्ट्री में छाए चिंता के बादल हटाने की दिशा में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हस्तक्षेप करेंगे. वो देश के निवेशकों में भरोसा जगाने के लिए उनसे सीधे बात भी कर सकते हैं. देश के साथ विदेशी निवेशकों से बात कर सकते है.

राहत पैकेज के तुरंत बाद कुछ अहम फैसले लेने की भी तैयारी है. उनमें सरकारी खर्च में कटौती शामिल है. सबसे पहले मंत्रियों और अधिकारियों की गैर-जरूरी सुविधाओं और उनके रोजमर्रा के खर्च में कटौती होगी. सरकार ने साफ किया कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड की कमी बिल्कुल नहीं होने दी जाएगी. अन्य उपायों में सबसे बड़ा फैसला टैक्स सुधारों का होगा, जो गेमचेंजर साबित हो सकता है. नौकरी बचाने के लिए सरकार इंडस्ट्री को अब तक का सबसे अलग पैकेज देने की तैयारी में है. आम आदमी के साथ इंडस्ट्री को भी टैक्स में राहत देने पर भी विचार कर सकते है. 2 साल में सरकारी खर्च में कटौती से 75,000 करोड़ बचाएंगे. इंडस्ट्री को ख्याल में रखते हुए भी कुछ फैसले लिए जा सकते है. इंडस्ट्री को जिन बजट प्रावधानों पर ऐतराज है, वो भी हटाए जा सकते हैं.

73वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था को लेकर कई बड़ी बातें कहीं थी. पीएम ने एक्सपोर्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेड इन इंडिया, डिजिटल पेमेंट, 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को लेकर रोडमैप बताया था. उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. साथ ही अगले 5 साल में अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को दोहराया. पीएम नरेंद्र मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात और इसके लिए ‘लकी कल के लिए लोकल’ का भी मंत्र दिया था. उन्होंने कहा कि,हमें भी दुनिया के बाजारों में पहुंचने का प्रयास करना होगा. दुनिया के छोटे-छोटे देशों मे जो ताकत होती है वह हमारे एक-एक जिले में है. हमारे हर जिले एक्सपोर्ट हब बनने के बारे में क्यों ना सोचें. किसी जिले के पास इत्र की पहचान है तो किसी के साड़ी और किसी के पास मिठाई. हमे ग्लोबल बाजार के लिए उत्पादन करना है.अगर हम दुनिया के बाजार को कैप्चर करने की दिशा में काम करेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा.