भारतीय सैनिकों में तेजी से बढ़ रहा स्पर्म फ्रीज करवाने का क्रेज़

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हम जो आपको बताने वाले हैं वो आपके लिए हैरतअंगेज हो सकता है। हमारी सेना के जवान आजकल अपने स्पर्म को फ्रीज करवा रहे हैं। हमें मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे सैनिक जो लम्बे समय तक घर से दूर पोस्टेड होते हैं वो मिलिट्री हॉस्पिटल में अपना स्पर्म फ्रीज करवा रहे हैं।सैनिकों के बीच अपने स्पर्म को फ्रीज करवाने का चलन काफी बढ़ रहा है. सैनिक ये फैसला अपनी ज़िंदगी की अनिश्चितताओं को देखते हुए ले रहे हैं. दैनिक भास्कर में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ये आंकड़ा पिछले 3 साल के भीतर 3 गुना बढ़ गया है.

स्पर्म यानी पुरुष के शुक्राणु जिससे बच्चा पैदा होता है. अहमदाबाद, जयपुर, पटना और रायपुर में पड़ताल करने पर ये जानकारी मिली कि ऐसे सैनिक की संख्या लगातार बढ़ रही है जो लंबे वक्त तक अपने घर से दूर सीमाओं पर पोस्टेड रहते हैं. अलग-अलग जगहों पर सरकार की तरफ से मिलिट्री हॉस्पिटल में स्पर्म फ्रीज़ करवाने के लिए सेंटर बनाए गए हैं जहां सैनिकों से पैसे नहीं लिए जाते हैं. 

जानकारी के मुताबिक सीमाओं पर पोस्टिंग के दौरान सैनिकों को जान का खतरा रहता है। ऐसे में वो स्पर्म फ्रीज़ करवाते हैं ताकि उनका वंश चलता रहे।गुजरात की बात करें तो अहमदाबाद मिलिट्री हॉस्पिटल के स्पर्म सेंटर के मुताबिक वर्ष 2016 से 2018 के बीच 140 सैनिकों ने अपना स्पर्म फ्रीज़ करवाया। वहीं राजस्थान और महाराष्ट्र में भी काफी तेजी से ये चलन बढ़ा है। हाल में ही बिहार में भी ये सुविधा आरंभ हुई है। 

क्या है स्पर्म : फ्रीज़िंगसैंपल लेने से पहले सैनिक का ब्लड टेस्ट होता है।स्पर्म काउंट की डिटेलिंग होती है।स्पर्म को सॉल्यूशन के साथ मिलाया जाता है।नाइट्रोजन फ्रीज़िंग के लिए रखा जाता है।फ्रीज़िंग के दौरान इसे माइनस 198 डिग्री तक पहुंचाया जाता है।फ्रीजिंग के बाद इसे 10 से 15 साल के बीच कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

गुजरात: 2013 से 2018 के दौरान गुजरात में सैनिकों द्वारा स्पर्म फ्रीज कराने के मामले में तीन गुना वृद्धि हुई है। 2016 से 2018 में ये आंकड़ा बढ़ कर 130 से 140 हो गया।

राजस्थान: यहां आर्मी, नेवी में काम करने वाले सैनिकों में स्पर्म फ्रीजिंग का ट्रेंड बढ़ा है। शेखावाटी क्षेत्र के सैनिकों में ये ट्रेंड ज्यादा है।

बिहार: उरी हमले के बाद यहां मुफ्त की सुविधा शुरू , उड़ी में हुए हमले के बाद से ही सैनिकों को यह सुविधा दी जा रही है। सैनिकों के लिए शुल्क में छूट भी व्यवस्था है।

महाराष्ट्र: आम लोगों सेे ज्यादा सैनिकों में ये ट्रेंड , सामान्य लोगों के मुकाबले सैनिकों में स्पर्म फ्रीज का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों का दावा है कि आम लोगों के मुकाबले सैनिकों में यह ट्रेंड 35-40% ज्यादा बढ़ रहा है। सामान्य लोगों में स्पर्म फ्रीजिंग को लेकर गलतफहमियां हैं। बहुत से पुरुषों को स्पर्म काउंट कम आने का डर भी रहता है। जहां पत्नी निवास करती है, उस गांव/शहर के नजदीकी अस्पताल में सैनिक फ्रीजिंग करवा रहे हैं।