सेना अब ऐसे होने जा रही है और भी मज़बूत, आसानी से पहुंचेगा गोला बारूद

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पिछले कुछ सालों में सेना को मज़बूत बनाया गया है. सेना की जरूरतों को पूरा किया गया है और हर संभव मदद सेना को दी गयी है जिससे दुशमनों को सेना सबक सिखाने में कोई कसर ना रहे… सर्जिकल स्ट्राइक की गयी एयर स्ट्राइक की गयी.. जम्मू कश्मीर से आतंकियों का लगातार सफाया किया जा रहा है. सेना और जवान लगातार देश के दुश्मनों को नाकाम कर रहे हैं. इसके पीछे की संभावित वजह सेना की मजबूती और सेना को दुशमनों पर कार्रवाई की खुली छूट भी है.. लेकिन सेना को और भी मज़बूत बनाने के लिए सरकार द्वारा लगातार कई ठोस कदम उठाये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार आरोप लगाया है कि पूर्व की यूपीए सरकार ने सेना को बुलेटप्रूफ जैकेट तक उचित मात्रा में उपलब्ध नही करवाए… लेकिन अब दुश्मनों को खत्म करने के लिए सेना तक बेहद गुप्त तरीके से गोला बारूद और हथियार पहुंचाने के लिए सरकार नया कदम उठाने जा रही है..

दरअसल सीमा पर लगातार दुशमनों की नज़रे बनी हुई है इसी को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सीमा पर सेना के गोला बारूद को रखने के लिए चार सुरंग बनायी जाएंगी. सीमा पर इस सुरंग निर्माण के लिए भारतीय सेना और एनएचपीसी NHPC के बीच करार हुआ है. फिलहाल ये पायलट प्रोजेक्ट है, सुरंग बनने के बाद किसी भी मौसम में हथियार, गोला बारूद, आपात मदद सीधे सेना तक पहुंचाए जा सकते हैं. चारों टनल में 175 से 200 मीट्रिक टन गोलाबारूद रखने की क्षमता होगी. सुरंग बनने के बाद सेना को हर मौसम में सेना को गोलाबारूद मुहैया कराया जा सकेगा. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक़ आर्मी लंबे समय से पाकिस्तान और चीन बॉर्डर के पास गोला बारूद रखने के लिए सुरंग तैयार करने की योजना बना रही थी। इसकी कोशिश भी की गई लेकिन आर्मी के पास सुंरग बनाने का अनुभव नही है. जब भी सेना ने टनल बनाने की कोशिश की तो कभी सीलन की दिक्कत आई तो कभी सीपेज की… जिसके बाद अब सेना ने टनल बनाने वाली एक्सपर्ट NHPC की मदद लेने जा रही है. NHPC ने अपना प्रोपोजल भी सेना को सौंप दिया है जिसके अनुसार अब पायलट प्रोजक्ट के तौर पर चार टनल बनाये जायेंगे इसके बाद और भी टनल बनाये जा सकते हैं. मिली जानकारी के मुताबिक़ एक सुरंग जम्मू-कश्मीर में और तीन सुरंग भारत चीन बॉर्डर पर बनाई जा सकती है। चारो टनल बनाये जाने का खर्च 15 करोड़ रूपये होने वाले है. हर सुरंग में करीब 200 मिट्रिक टन गोला-बारुद रखा जा सकेगा। ये चारों सुरंग करीब दो साल में पूरी होंगी। सुरंग बन जाने से सेना को गोला बारूद और हथियार रखने के लिए सुरक्षित जगह मिल जायेगी.. और यहाँ से सीधा बॉर्डर पर सेना को गोला बारूद उपलब्ध कराये जा सकेंगे..

इसके साथ ही दुश्मन के सैटलाइट इसे पकड़ने में असमर्थ होंगे। आर्मी इस पायलट प्रॉजेक्ट की सफलता के आधार पर पाकिस्तान और चीन बॉर्डर पर फिर और सुरंग बनाएगी… अमेरिका के पास पहले से ऐसी सुरंग है जिसमें वो अपने हथियार और गोला बारूद सुरक्षित रखते हैं. वैसे सेना ने पिछले कुछ सालों में जिस तरफ से दुश्मनों पर भारी पड़ी है उससे सेना के जवानों का मनोबल और बढ़ा है. कश्मीर में जवानों को खुली छूट दी गयी है. मिली जानकारी के मुताबिक़ पुलवामा हमले के बाद घाटी में जवानों अब तक 44 आतंकियों को मार गिराया है. सेना को मज़बूत बनाने के लिए टनल बनाया जाना एक महत्वपूर्ण कदम है.