देश को मिला वो मिसाइल जिसे कंधे पर रख कर भी उड़ा सकते हैं दुश्मन के अड्डे

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दुश्मन के टैंकों का सर्वनाश करने के लिए भारतीय सेना को अब ब्रह्मास्त्र मिल गया है. भारतीय सेना ने स्पाइक मिसाइलों का सफलता पूर्वक परीक्षण किया. ये परीक्षण मध्य प्रदेश के महू में किया गया. स्पाइक मिसाइलों का निर्माण इजराइल ने किया है. इस मिसाइल की मदद से 4 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के टैकों को पलक झपकते ही नष्ट किया जा सकता है. ये वजन में हल्के होते हैं और उन्हें कंधे पर रख कर भी फायर किया जा सकता है.

स्पाइक मिसाइल के परीक्षण के दौरान थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत और कई कमांडर मौजूद थे. स्पाइक’ को जम्मू-कश्मीर में उत्तरी कमान के युद्ध क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर तैनात किया गया है ताकि पाकिस्तान से लगती सीमा की सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके. इस मिसाइल से न सिर्फ टैंक बल्कि दुश्मनों के बंकर, शेल्टरों और उनके ट्रेनिंग कैम्प को भी निशाना बनाया जा सकता है.

स्पाइक मिसाइल लेजर गाइडेड होती है इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि अगर निशाना किसी और पर लगाया है और अगर बीच में प्लान कैंसल होता है तो इसे दुसरे निशाने की तरफ भी मोड़ा जा सकता है. स्पाइक मिसाइल का इस्तेमाल करने वाला भारत 33वां देश है. ये चौथी पीढ़ी की मिसाइल है. भारत अब तक फ्रांस निर्मित मिलान-2 मिसाइल का इस्‍तेमाल करता रहा है. मिलान -2 दूसरी पीढ़ी की मिसाइल है. भारत ने 280 करोड़ रुपये में कुल 210 मिसाइलों और 12 लॉन्चरों की खरीद की है. पहले ये सौदा रद्द कर दिया गया था लेकिन फिर बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पकिस्तान की तरफ से बढे खतरे के मद्देनज़र इस सौदे को मंजूरी दी गई.