चीन को झ’टका देने की तैयारी में भारत, रद्द कर सकता है कई प्रोजेक्ट

1633

चीन और भारत के बीच लद्दाख बार्डर के पास गलवान घाटी पर काफी दिनो से तनातनी चल रही है. जिसको लेकर दोनो देशो के बीच कई दौर की बैठक हो चुकि है. लेकिन चीन अपने दोगले रवैये से बाज़ नही आ रहा है. चीन के साथ बातचीत करने से भी कोई फायदा नही हुआ है. क्योकि चीन ने जो हरकत की है वो बर्दाशत करने लायक नही है. लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को लेकर सूत्रों का कहना है कि चीन से बातचीत करने का कोई असर नही पड़ा है. स्थिति अभी भी तनाव पूर्ण है. चीन की इस हरकत को देखते हुए भारत ने चीन को एक और बड़ा झटका देने की तैयार कर ली हैं.

चीन ने जो हरकत की है गलवान घाटी पर उसके बाद भारत ने चीन के खि’लाफ आर्थिक  फैसले ले सकता हैं. यानी की भारत अब चीनी प्रोडक्ट को लेकर कड़े फैसले ले सकता हैं. भारत उन प्रोजेक्ट को रद्द कर सकता है. जिनमे चीनी कंपनियों ने करार हासिल कर रखा है. इनमें मेरठ रैपिड रेल का प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिसकी बिड चीनी कंपनी ने हासिल की है.भारत ने चीन के साथ बढ़ रहे वि’वाद को देखते हुए उन प्रोजेक्ट की समीक्षा शुरू कर दी हैं. जो चीनी कंपनी को दी गई हैं. इसमें दिल्ली मेरठ RTTS प्रोजेक्ट भी शामिल हैं. सरकार ने RTTS प्रोजेक्ट की जो बिड है उसको कैंसिल करने के लिए सभी कानूनी पहलूवों को देखा जा रहा हैं. माना ये भी जा रहा है कि सरकार RTTS बिड को रद्द कर सकती हैं.

दिल्ली-मेरठ ​आरआरटीएस प्रोजेक्ट के अंडरग्राउंड स्ट्रेच बनाने के लिए सबसे कम रकम की बोली एक चीनी कंपनी शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (STEC) ने लगाई है. एसटीईसी ने 1126 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. चीनी कंपनी को स्ट्रेच का काम दिए जाने का विपक्ष समेत स्वदेशी जागरण मंच वि’रोध कर रही है. लेकिन अभी के हालात को देखते हुए भारत सरकार चीन को दिए गए प्रोजेक्ट को कैंसिल कर सकती हैं.यह प्रोजेक्ट जो उसमे दिल्ली मेरठ के बीच रेल कॉरिडोर बनाना है. इस प्रोजेक्ट में दिल्ली गाजियाबाद होते हुए मेरठ से जुड़ेगी.