दुनिया में कोरोना फैलाने के बाद चीन ने भारत के खिलाफ चली चाल, लेकिन भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

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दुनिया भर में कोरोना फैलाने के बाद भी चीन अपनी मक्कारी से बाज नहीं आ रहा. कभी किसी को वो मदद के नाम पर अपनी घटिया मेडिकल सप्लाई भेज देता है तो कभी किसी के आतंरिक मामले में दखल दे देता है. किसी के अंदरूनी मामले में दखल देना तो चीन की पुरानी आदत है. जब सारी दुनिया कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है तब भी चीन कश्मीर को लेकर अपनी चालबाजियों से बाज नहीं आ रहा. चीन ने कश्मीर पर एक ऐसा बयां दिया है जिससे भारत नाराज हो गया और चीन को जमकर खरीखोटी सुनाई.

बीते दिनों चीन के प्रवक्ता ने बयान दिया था कि पेइचिंग कश्मीर के हालात पर नजर रखे हुए हैं और हमारा रुख इस पर नहीं बदला है. कश्मीर मुद्दे का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय तरीके से होना चाहिए. चीन का ये बयां भारत को रास नहीं आया. आता भी कैसे? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. किसी भी तीसरे देश का इसपर बयान देना भारत के आतंरिक मामले में हस्तक्षेप करने के बराबर है. इसलिए भारत ने भी चीन की चाल का मुंहतोड़ जवाब दिया.

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘हम जम्मू-कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी मिशन के प्रवक्ता के बयान को खारिज करते हैं. चीन को इस मुद्दे पर हमारा रुख पता है. जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा. जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मुद्दा भारत का आंतरिक मसला है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘चीन सहित सभी देशों को हमारे आतंरिक मामले से दूर रहना चाहिए और भारत की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए. हम चीन से यह भी उम्मीद करते हैं कि वह सीमा पार से हो रहे आतंकवाद और इससे भारत में जीवन पर पड़ रहे असर को समझेगा.’

हालाँकि ये पहली बार नहीं है जब चीन ने ऐसा नापाक हरकत की हो. कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद चीन ने भारत को घेरने की भरपूर कोशिश की. उसने संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की लेकिन किसी दश ने उसका साथ नहीं दिया.