चीन पर डबल अटैक की तैयारी में सरकार, 5G से लेकर टीवी और एसी तक को…

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चाइनीज ऐप्स बैन करने के बाद भी मोदी सरकार चुप नहीं बठने वाली है. सरकार ने चीन को अभी और झटके देने का प्लान बनाया है. क्योंकि जिस तरह से चीन ने भारतीय मार्केट पर कब्ज़ा किया हुआ है और टीवी से लेकर दिवाली के दिए तक चीन से आ रहे हैं, उसे देखते हुए मोदी सरकार समझ रही है कि उनके आत्मनिर्भर भारत अभियान को पतीला लग जाएगा. भारत चीन के लिए सबसे बड़ा बाज़ार है. अमेरिका के साथ चीन का ट्रेड वॉर चल रहा है. ऐसे में अगर भारत ने भी चीन से हो रहे इम्पोर्ट को लेकर कोई बड़ा फैसला किया तो चीन की कमर टूटनी तय है.

भारत सरकार की नज़र अब चीन से आने वाले 5G, टीवी, फ्रिज, AC पर है. टेलिकॉम मंत्रालय ने पहले सरकारी कंपनियों को चीनी इक्विपमेंट्स न यूज करने को कहा है. वहीं 5G को लकेर लेकर भी फैसला जल्‍द होने वाला है. भारत में 5G नेटवर्क के लिए चीनी कंपनियों के इक्विपमेंट्स यूज करने पर बैन लगाया जा सकता है. 5G के क्षेत्र में अब तक हुआवे (Huawei) का एकाधिकार है. उसके बाद नोकिया या किसी और का नंबर आता है. अमेरिका ने पहले ही हुआवे (Huawei) को बैन कर रखा है. एरिका को शक है कि हुआवे (Huawei) चीन की सेना के लिए जासूसी जैसे कामों से जुड़ा हुआ है. अमेरिका ने तो चीन को सेमीकंडक्टर सप्लाई करनी भी बंद कर दी है. ब्रिटेन भी हुआवे (Huawei) पर लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में अगर भारत ने भी हुआवे (Huawei) को प्रतिबंधित कर दिया तो चीन की अर्थव्यवस्था का बंटाधार हो जाएगा. हुआवे (Huawei)चीन का एक विश्वसनीय ब्रांड बन गया है, चीन की पहचान बन चुका है.

इसके अलावा सरकार चीन से होने वाले इम्पोर्ट को लाइसेंस करने की तैयारी कर रही है. मौजूदा वक़्त में अगरबत्ती से लेकर टीवी और एसी तक चीन से आता है. सरकार शुरुआत में सिर्फ 10-12 चीजों को लाइसेंसिंग के अंतर्गत लाना चाहती थी लेकिन अब उसमे बड़े प्रोडक्ट्स भी जोड़ें की तैयारी हो चुकी है, जैसे टीवी, फ्रिज, एसी ताकि घरेलू प्रोडक्शन को बढाया जा सके. इसके अलावा सरकार स्‍टील, एल्‍युमिनियम, फुटवियर, आलू, संतरे जैसे लोकल मैनुफैक्‍चरिंग पर इन्‍सेंटिव देने की तैयारी में है.

दरअसल पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का ऐलान तो कर दिया लेकिन आत्मनिर्भर भारत अभियान सफल तभी हो पायेगा जब भारतीय बाजारों पर से सस्ते चीनी प्रोडक्ट्स का कब्ज़ा हट सके. अब चीन के साथ बढे तनाव ने सरकार को मौका दे दिया है भारतीय बाजार को चीन के कब्जे से मुक्ति दिलाने का.