स्टिंग करने के चक्कर में खुद एक्सपोज हो गए राहुल कँवल, ट्विटर पर उड़ी धज्जियाँ

3693

इंडिया टुडे चैनल ने शुक्रवार 10 जनवरी को एक स्टिंग किया. ये स्टिंग JNU हिं’सा से सम्बंधित था. इसे हेडलाइन टुडे के सभी चैनलों पर चलाया गया, नंबर वन चैनल होने का दावा करने वाले आज तक पर भी. लेकिन अब इस स्टिंग पर सवाल उठने लगे हैं. इस स्टिंग में तथ्यों के साथ छेड़ छाड़ करने के आरोप लग रहे हैं. और ट्विटर पर राहुल कँवल ट्रेंड हो गए.

दिल्ली पुलिस द्वारा JNU में हिं’सा करने के 9 आरोपियों की तस्वीर जारी करने के कुछ ही देर बाद इंडिया टुडे ने स्टिंग को रिलीज किया और भाजपा छात्र संगठन ABVP पर सवाल खड़े किये. लेकिन इस स्टिंग के चक्कर में खुद राहुल कँवल पर सवाल खड़े हो गए. इस स्टिंग में अक्षत अवस्थी नाम का एक आदमी ये दावा करता देखा जा सकता है कि वो ABVP का कार्यकर्ता है और उसी ने भीड़ को साबरमती हॉस्टल पर ह’म’ला करने के लिए उकसाया था.

ABVP ने अक्षत अवस्थी को अपना आदमी मानने से साफ़ मना कर दिया. उसके बाद राहुल कँवल ने कुछ तस्वीरें और अखबार के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए दावा किया कि ये सबूत है कि अक्षत ABVP का कार्यकर्ता है. क्योंकि वो ABVP की कई रैलियों में देखा जा चूका है. लेकिन इसी सबूत ने राहुल कँवल की पोल खोल दी.

राहुल कँवल के इस दावे पर ऑपइंडिया और दैनिक भास्कर ने फैक्ट चेक कर साबित कर दिया कि राहुल कँवल का दावा झूठा है. दरअसल राहुल कँवल ने जिस अक्षत अवस्थी की तस्वीर को सबुत के तौर पर सामने रखा और कहा कि वो रैली ABVP की थी, वो दरअसल ABVP की रैली नहीं थी. बल्कि 11 नवम्बर को फीस वृद्धि के खिलाफ JNUSU ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था जिसे बिरसा अम्बेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (BAPSA), आरजेडी की क्षत्र और कांग्रेस की एनएसयूआई द्वारा समर्थन दिया गया था. रैली में ‘हमें चाहिए आजादी’ जैसे नारे लगाए गए थे.

11 नवम्बर को इंडिया टुडे ने भी इस विरोध प्रदर्शन को कवर किया था. वीडियो भी उपलब्ध है लेकिन उसमे कहीं भी ABVP का जिक्र नहीं था. अब उसे इंडिया टुडे के ही जर्नलिस्ट ABVP का बता कर फेक न्यूज फैला रहे हैं. स्टिंग कर TRP हासिल करने के चक्कर में राहुल कँवल खुद एक्सपोज हो गए. इसके बाद ट्विटर पर राहुल कँवल ट्रेंड हो लगे.