BJP रथ यात्रा पर खौफ़ का खेल, रची झूठी इंटेलीजेंस रिपोर्ट से साज़िश

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बंगाल का हाई बोल्टेज ड्रामा थमने का नाम ही नहीं ले रहा …पता नहीं अब बंगाल मामले में और क्या-क्या देखने को मिलेगा.. आपको याद ही होगा, बीते दिनों भाजपा को कोलकाता में अलग अलग स्थानों पे 3 रथ यात्रा का आयोजन करना था… लेकिन उस टाइम राज्य पुलिस और प्रशासन दोनों ने ही एक खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था.. कि अगर राज्य में रथ यात्रा निकलेगी तो ‘सांप्रदायिक भेदभाव’ बढ़ेगा, इसलिए हम इसकी इजाज़त नहीं दे सकते हैं…इसके बाद बीजेपी ने रथयात्रा पर रोक के फै़सले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था… लेकिन कोर्ट ने भी यह कहते हुए बीजेपी की याचिका ख़ारिज कर दी थी …कि राज्य सरकार की ओर से जताई गई आशकाएँ बेबुनियाद नहीं हैं…

लेकिन इसी राजनितिक उठक-पटक के बीच इंडिया टुडे द्वारा किया गया स्टिंग ऑपरेशन …ममता बनर्जी सरकार के झूठे दावे की पोल खोलने के लिए काफ़ी है… स्टिंग के जरिए यह बात सामने आई है कि ममता बनर्जी की बंगाल सरकार ने जानबूझकर भाजपा की रथ यात्रा को गलत खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए रुकवाया था… इसमें यह दावा किया गया था कि अगर राज्य में रथ यात्रा निकलती है तो राज्य में communal violence को हवा मिलेगी ..इंडिया टुडे के द्वारा किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में यह खु़लासा हुआ है कि कोई खास इंटेलीजेंस इनपुट नहीं था, जिसके आधार पर रथ यात्रा पर रोक लगाने की बात को सही ठहराई जा सके… दरअसल, स्टिंग करने वाली टीम पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले में एक खुफिया अधिकारी जेपी सिंह से मिली….

इन सारी बातों का खु़लासा उस वक्त हुआ जब रिपोर्टर ने सवाल पूछा कि आपके पास किस तरह के इनपुट थे और कहाँ-कहाँ दंगे हो सकते थे….इसके बाद उन्होंने इस बात को माना कि रथयात्रा को अगर इजाज़त मिलती तो वह प्रोटेक्शन भी देते, लेकिन उनके पास इसकी इजाज़त ही नहीं थी…
इसके अलावा एक और सवाल में जब रिपोर्टर ने पूछा कि यह रिपोर्ट किसने बनाई थी… तो अधिकारी ने कहा, “हाँ, वो तो बनी, हर डिस्ट्रिक्ट ने बनाई। हर जगह ऐसा ही है… हम क्या बता रहे हैं कि मास्टर सिर्फ़ एक आदमी होता है दस लोग नहीं… रिपोर्ट उन्हीं के निर्देशों पर है और उसी के मुताबिक़ भेजी गई है…

जेपी सिंह ने यह भी माना है .. कि यात्रा पर उनकी रिपोर्ट कोई पक्के इनपुट पर आधारित थी… उन्होंने कहा कि निर्देश ऊपर से आए थे… और इस बात को स्वीकार किया कि वे कुछ राजनीतिक दबाव में थे….इंडिया टुडे के स्टिंग में ये बात बिलकुल साफ़ हो गई है की बिना किसी इनपुट के अधार पर रथ यात्रा रोकी गई थी …ये सिर्फ एक राजीतिक झोल था …जिसका सबूत आम जनता हमारी इंडिया टुडे के स्टिंग के थ्रू देख चुकी है …वैसे पश्चिम बंगाल में क़ानून-व्यवस्था किस तरह से ममता सरकार में ध्वस्त है… इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्हीं के विधायक सत्यजीत बिश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई… दरअसल, वो अपनी पत्नी और बेटे के साथ सरस्वती पूजन के लिए गए हुए थे..

जब कार्यक्रम के दौरान मंच से उतर रहे थे तभी कुछ हमलावरों ने उनपर गोली चला कर हत्या कर दी. टीएमसी विधायक की हत्या ने ममता सरकार के क़ानून-व्यवस्था की पोल तो खोली ही है.. साथ ही इस बात पर सोचने को मजबूर कर दिया है कि जब विधायक की इस प्रकार सरेआम हत्या हो सकती है तो आम जनता वहां कैसे सुरक्षित रह सकती है …तो ऐसे में ममता जी को अपने कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है …क्यों व्यवस्था सुधरेगी तो रथ यात्रायें भी भी किसी violence के निकल सकेंगी और आपके विधायक और जनता भी सुरक्षित रहेगी …