पीएम मोदी ने रूस को एक अरब डॉलर का कर्ज देने का किया ऐलान

1539

पीएम मोदी रूस के दो दिवसीय दौरे पर हैं ये बात सबको पता है लेकिन ये बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि पीएम मोदी भारत के पहले पीएम हैं जो रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र की यात्रा पर पहुंचे हैं. आम तौर पर राष्ट्राध्यक्षों की राजकीय यात्रा मास्को से शुरू होकर मास्को में ही ख़त्म हो जाती है लेकिन पीएम मोदी इस बार मॉस्को नहीं बल्कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के शहर व्लादिवोस्तोक पहुंचे.

पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच कई समझौते हुए. दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने साझे प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और पहले से ही मजबूत दोस्ती के और मजबूत होने की घोषणा की .लेकिन जिस एक घोषणा ने सबका ध्यान अपनी ओर खिंचा था वो था भारत की तरफ से रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास के लिए दिया जाने वाला एक अरब डॉलर का कर्ज.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र के विकास के लिये उसके साथ मिलकर काम करेगा. उन्होंने संसाधन से भरपूर क्षेत्र के विकास के लिये एक अरब डॉलर की कर्ज सुविधा देने की भी घोषणा की. पीएम मोदी ने ये घोषणा ईस्ट इकॉनोमिक फोरम को संबोधित करते हुए किया. उन्होंने कहा भारत और रूस के बीच दोस्ती केवल राजधानी शहरों में सरकारी बातचीत तक सीमित नहीं है बल्कि यह लोगों और करीबी व्यापारिक संबंधों की मित्रता के बारे में है. पीएम मोदी ने एक्ट फार ईस्ट पॉलिसी पेश करते हुए रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र के विकास के लिये भारत एक अरब डॉलर की कर्ज सुविधा देने का ऐलान किया.

रूस का सुदूर पूर्वी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण इलाका है. ये इलाका चीन की सीमा से भी लगता है और प्रशांत महासागर को भी छूता है. जिस तरह से चीन हिन्द महासागर में अपना दखल बढ़ा रहा है. भारत प्रशांत महासागर से लगते रूस के सुदूर पूर्व के क्षेत्र में विकास कार्यों के जरिये अपनी पैठ बना कर चीन पर दवाब बढ़ा सकता है. भारत ना सिर्फ रूस के पूर्वी इलाकों में निवेश करेगा बल्कि इससे भारतीय कंपनियों को रूस में पाँव पसारने में भी मदद मिलेगी. इसका जिक्र पीएम मोदी ने भी किया. उन्होंने कहा रूस चाहता है कि भारतीय कंपनियां वहां निवेश करें.