मलेशिया ने जब कश्मीर के मुद्दे पर भारत विरोधी स्टैंड लिया था तो उसने उम्मीद भी नहीं की होगी कि उसे ऐसी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. भारत ने उसे ऐसा सबक सिखाया कि उसकी अकड़ ढीली पड़ गई. मलेशिया ने अब स्वीकार कर लिया है कि भारत की कारवाई से उसे नुक्सान हुआ है और वो भारत की ताकत के मुकाबले बहुत छोटा है.

मलेशिया के भारत विरोधी स्टैंड से नाराज होकर भारत ने सबक सिखाते हुए मलेशिया से पाम ऑइल के आयात पर रोक लगा दी. आपको बता दें कि भारत, मलेशिया से पाम ऑइल का सबसे बड़ा खरीदार है. मलेशिया ने स्वीकार किया है कि भारत जैसे देश के सामने मलेशिया कहीं नहीं ठहरता. मलेशिया में भारत से बदल अलेने की हैसियत नहीं. मलयेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उनका देश अपने पाम ऑइल के आयात का बहिष्कार किए जाने पर भारत के खिलाफ कोई जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा.

मलेशियाई पीएम ने कहा कि “भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था और ताकत के आगे हम कहीं नहीं टिकते. हम जवाबी कार्रवाई करने के लिहाज से बेहद छोटे हैं. हमें भारत की कारवाई से हुए नुकसान और झटके से उबरने का तरीका और समाधान ढूंढना होगा.”

मलेशिया पाम ऑइल का उत्पादन करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और भारत उसका अब तक का सबसे बड़ा खरीदा था. लेकिन अब उसके सामने संकट यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाला कोई एक बाजार मिलना लगभग नामुमकिन है. इस वजह से मलयेशियाई पाम ऑइल का दाम 10 प्रतिशत गिर गया जो 11 साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है.