मिल गया भारत को पहला ‘चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ’, ये रहेंगी जिम्मेदारियां

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केंद्र सरकार ने मंगलवार को भारत के पहले चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ के नाम की घोषणा कर दी, इस पर जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल ने पत्रकारों को बताया कि हमारे पास मौजूदा वक्त में जो 4 स्टार जनरल हैं उनको ही चीफ हो डिफेंस के तौर पर काम सौंपा जायेगा. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित कर रहे थे उस वक्त उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए ये कहा था कि तीनों सेनाओं के बीच किसी भी परिस्थिति में एक बेहतर कोर्डिनेशन स्थापित करने के लिए तीनों सेना के अंगो के प्रमुख के तौर पर हम एक चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ नियुक्त करेंगे.

ये पद तीनों सेनाओं के प्रमुख होगा, प्रधानमंत्री मोदी ने ये ऐलान यूँही नहीं किया बल्कि इसके पीछे एक लम्बे समय से चली आ रही मांग भी थी, दरअसल 1999 में जब कारगिल युद्ध हुआ था उस वक्त सही तरीके से तीनों सेनाओं के बीच कोर्डिनेशन नहीं हो पाया था, हालाँकि वो युद्ध भारत ने बखूबी जीता था मगर फिर भी भविष्य को देखते हुए उसी वक्त ये मांग उठी थी कि तीनों सेनाओं का एक प्रमुख होना चाहिए जिससे कि किसी भी अप्रिय स्थिति में तीनों सेनायें एक सिस्टम के तहत कोर्डिनेशन करके काम कर सकें. हालाँकि ये कारगिल युद्ध के समय का प्रस्ताव है, लेकिन ये उसी वक्त से लंबित पड़ा हुआ था और अब इसपर केंद्र सरकार काम कर रही है.

हालाँकि कुछ विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो ये भी खबरें सामने आ रहीं हैं कि शायद पहले चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ आर्मी चीफ विपिन रावत भी बनाये जा सकते हैं..

73 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सीडीएस (चीफ डिफेंस स्टाफ) थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच जो भी तालमेल होना चाहिए उसको सुनिश्चित करेगा इसके साथ ही  तीनों सेनाओं को एक प्रभावी नेतृत्व भी प्रदान करेगा. भाषण के दौरान अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वो बोले थे  ‘भारत में भी अब ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’ नियुक्त होगा. और इससे हमारे तीनों सशस्त्र बल और पहले से भी अधिक प्रभावशाली और कारगर बन जायेंगे.’