मुस्लिम देशों के संगठन ने लगाया था मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब

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भारत में तबलीगी जमात का मामला सामने आने के बाद ही वामपंथी संगठनों ने देश में प्रोपगैंडा फैलाना शुरू कर दिया कि मोदी सरकार कोरोना का इस्तेमाल मुसलमानों को बदनाम करने के लिए कर रही है. इसी आधार पर मुस्लिम देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) ने भारत पर आरोप लगाया कि भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई को साम्प्रादायिक रंग दिया जा रहा है. OIC ने बीते रविवार को भारत से अनुरोध किया था कि वह अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने और देश में ‘इस्लामोफोबिया’ की घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाए. अब भारत ने OIC को मुंहतोड़ जवाब दिया है.

भारत ने OIC पर पलटवार करते हुए कहा, ‘ओआईसी को कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. हम अभी महामारी की चुनौती से लड़ रहे हैं. एक बार इस महामारी से हमारा पीछा छूट जाए तो हम इस सवाल पर विचार कर सकते हैं.’

दरअसल ओमान की राजकुमारी मोना बिंत फहद अल सैद के नाम से बने एक फर्जी ट्विटर हैंडल से इस बात पर नाराजगी भरा ट्वीट किया गया कि भारत में तबलीगी जमात को बदनाम किया जा रहा है. यहां तक लिख दिया कि ओमान ने कहा है कि सभी भारतीयों को बाहर निकाल देगा. इस ट्वीट को लेकर विवाद बढ़ गया तो ओमान की राजकुमारी ने सफाई देते हुए कहा कि वो कोई फर्जी अकाउंट है. असली अकाउंट नहीं.