जिस चीज के लिए भारत देखता था चीन का मुंह, अब उस चीज के निर्माण में भारत बना दुनिया का नंबर 2 देश

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कोरोना की वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं हिचकोले खा रही है. लेकिन कोरोना की वजह से भारत में कई साकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले हैं. कई कम्पनियाँ चीन से निकल कर भारत आ रुख कर रही है और भारत में अपना कारोबार जमाने की तैयारी कर चुकी हैं. तमाम विशेषज्ञ कह रहे हैं कि आने वाले वक़्त में भारत मैन्युफैक्चरिंग का हब बन सकता है. अब भारत ने भी समय की मांग को पहचानते हुए इस दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए हैं. कोरोना संकट के बीच भारत ने अपनी ताकत को पहचाना और ग्लोबल लीडर के तौर पर उभरने की कोशिश करने लगा. जिन चीजों के लिए भारत दुसरे देशों और विशेषकर चीन पर निर्भर था अब उस चीज के प्रोडक्शन में भारत ने अपना सिक्का जमा लिया है. बात हो रही है कोरोना की जाँच करने वाले PPE किट की.

PPE किट मतलब पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE). इस किट का इस्तेमाल कोरोना की जाँच में किया जा रहा है. फ़रवरी 2020 तक भारत में क्लास -3 लेवल के PPE क्कित नहीं बनते थे. उसके लिए भारत मुख्यतः चीन पर निर्भर था. लेकिन अब भारत PPE किट बनाने के मामले में दुसरे नंबर पर पहुँच गया है. भारत में बन रहे ये PPE किट अंतर्राष्ट्रीय मानक के हैं और बेहद सस्ते भी हैं. जब भारत में कोरोना ने पाँव पसारना शुरू किया था तब भारत ने विदेश से 52,000 PPE किट खरीदे थे. उसके बाद भारत में कोरोना का आंकड़ा बढ़ने लगा तो ये किट कम पड़ गए . उसके बाद चीन से मंगवाए गए किट घटिया क्वालिटी के निकलने लगे तो भारत ने WHO से PPE किट बनाने की अनुमति मांगी. WHO से हरी झंडी मिलते ही भारत ने PPE किट बनाना शुरू किया और देखते ही देखते दुनिया में PPE किट बनाने के मामले में दुसरे नंबर पर आ गया.

अब भारत न सिर्फ अपनी जरूरत पूरी कर रहा है बल्कि कई देशों में इसकी सप्लाई भी करने की स्थिति में पहुँच चुका है. हालाँकि अभी अपनी जरूरतों को देखते हुए सरकार ने PPE किट जे निर्यात पर प्रतिबन्ध लगा रखा है. कई देश चीन से आने वाली घटिया PPE किट से परेशान है. इस वक़्त WHO के मानकों के मुताबिक़ 106 कम्पनियाँ भारत में PPE किट बना रही हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वक़्त भारत में प्रतिदिन 1.7 लाख PPE किट बनाए जा रहे हैं.