कुलभूषण जाधव के मामले में पाकिस्तान को मिला THE QUINT से मदद!

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कुलभूषण जाधव को तो आप जानते ही होंगे…हाँ हाँ वहीँ जो पाकिस्तान की जेल में बंद हैं… फांसी की सजा सुनाई गयी है… अन्तराष्ट्रीय अदालत में केस चल रहा है… भारत बड़ी ही मजबूती से तर्क पेश कर रहा है किसी तरीके कुलभूषण की जिन्दगी बचाने के लिए भारतीय वकील हरीश साल्वे अपना पक्ष मजबूती से रख रहे हैं… लेकिन उस वक्त भारत क्या करे जब अपने ही देश का मीडिया कुलभूषण जाधव के खिलाफ कुछ लिख दे और पाकिस्तान इसी को सबूत बनाकार अन्तराष्ट्रीय अदालत में पेश करें.


जी हाँ ऐसा ही कुछ हुआ कुलभूषण जाधव के साथ… भारत की मानी जानी वेबसाइट क्विंट ने 6 जनवरी 2018 को एक बहुत ही निम्न स्तर का आर्टिकल पब्लिश किया था लेकिन जब इसे लेकर इस वेबसाइट की आलोचना हुई तो इसने आर्टिकल को डिलीट कर दिया। इस आर्टिकल में क्विंट ने दावा किया है कि कुलभूषण जाधव भारतीय जासूस थे और उनकी उम्मीदवारी को रॉ के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ख़ारिज होने के बाद भी उन्हें पक्का किया गया था। जाधव को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से भारतीय पासपोर्ट भी बरामद किया गया था।
इसके साथ ही THE QUINT वेबसाइट ने अपनी स्टोरी में रॉ के दो पूर्व प्रमुखों के हवाले से पाकिस्तानी जेल में बंद कुलभूषण जाधव को जासूस बताया था.. तब द quint को लेकर खूब बवाल मचा था…लोगों ने जमकर आलोचना की और इस चैनल को ब्लाक करने की मुहीम शुरू की…. हालाँकि लोगों की आपत्ति और आक्रोश को देखते हुए द क्विंट ने अपने इस लेख को हटा लिया था.. इसी लेख का फायदा उठाकर आज पाकिस्तान अन्तर्राष्ट्रीय कोर्ट में भारत के खिलाफ सबूत पेश कर रहा है… लोगों ने सवाल तो खड़ा किया था कि अगर कुलभूषण जाधव को सजा हुई या भारत को हार का सामना करना पड़ा तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? इन उच्चकोटि के पत्रकारों ने प्लेट सजाकर भारत के खिलाफ एक सबूत दे आये… जिसके दावे में ना ही कोई दम है और ना ही कोई मजबूती…..


अब THE QUINT के इसी लेख को हथियार बनाकर पाकिस्तान अन्तराष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण जाधव को जासूस साबित करने में लगा हुआ है.. पाकिस्तान कह रहा है ‘कुलभूषण जाधव को साल 2016 में 3 मार्च को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा गिरफ्तार किया गया था. जाधव रॉ संबधित एक जासूस है. हालाँकि इसे साबित करने के लिए पाकिस्तान के पास कोई सबूत नही है सिवाय THE QUINT के लेख के अलावा…..
THE QUINT के अपने प्रोपगेंडा में भारत के होनहार पूर्व अधिकारी के खिलाफ लिखकर पाकिस्तान को बैठे बिठाएं एक मुद्दा दे दिया है.. भारत की ही मीडिया भारत के खिलाफ काम करें और पाकिस्तान इसका इस्तेमाल करें तो आप ऐसे मीडिया संस्थान को क्या नाम देंगे? आज अपने ही देश के एक निर्दोष नागरिक को भारतीय मीडिया ने ही शक के दायरे में ला दिया है।
सिर्फ क्विंट ही नहीं बल्कि पाकिस्तान ने 21 अप्रैल 2017 में करण थापर द्वारा इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक आर्टिकल, मागज़ीन ‘फ्रंटलाइन’ का आर्टिकल….जिसे 16 फरवरी 2018 को प्रवीण स्वामी ने लिखा था और अब THE QUINT के लेख को सबूत बनाकर कुलभूषण जाधव के खिलाफ सबूत पेश करने की कोशिश कर रहा है. देखने वाली बात तो याह है कि अन्तर्राष्ट्रीय अदालत इस पर क्या विचार करती हैं और भारत के वकील इस पर क्या जवाब देते हैं.