लखनऊ में भगवाधारी ने की थी कश्मीरियों की पिटाई, अब इनकी सच्चाई आई सामने

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लखनऊ में कुछ भगवाधारी लोगों ने सड़क के किनारे सामान बेच रहे लोगों के साथ मार पीट की.बताया जा रहा है कि मार खाने वाले लोग कश्मीरी थे… कुछ लोगों ने कश्मीरी युवकों को बचाने का प्रयास भी किया..ज्यादातर लोग वीडियो बनाने में लगे हुए थे.. ऐसे में वीडियो सोशल  मीडिया पर सामने आया.. वायरल हुआ और लोगों ने अपना काम शुरू कर दिया.. बवाल मचा.. कार्रवाई की मांग हुई… सरकार को कोसा जाने लगा.. कश्मीरियों पर अत्याचार को लेकर कुछ बुद्धिजीवी वर्ग लोगों ने आरोपियों के भगवा रंग में रंगे होने के नाते एक विशेष धर्म के लोगों को भी टारगेट करना शुरू कर दिया… हालाँकि पुलिस और सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया… लेकिन इसके बाद जो बवाल मच रहा है वो और भी दिलचस्प है… दरअसल आरोपियों में जितने लोग शामिल थे उनमे से अधिकतर लोग भगवाकपडे पहने हुए थे,….इनमे से दो आरोपियों की पहचान बजरंग सोनकर और हिमांशु अवस्थी के रूप में हुई है। ये लोग विश्व हिंदू दल (याद रखिये ये विश्व हिन्दू परिषद् नही ) विश्व हिन्दू दल नामक एक संगठन चलाते हैं। हिमांशु अवस्थी इसके अध्यक्ष तो बजरंग सोनकर महानगर अध्यक्ष है. हिमाशु को लेकर सोशल मीडिया पर इस समय खूब बवाल मच रहा है.. और इसकी वजह है सेल्फी.. सेल्फी से शुरू हुआ सोशल मीडिया पर विवाद अब पोल खोल रहा है… दरअसल सोशल मीडिया पर घटना के दिन ही पत्रकार रोहित सरदाना के साथ हिमांशु की सेल्फी सोशल मीडिया पर सामने आई और सरदाना पर तंज कसने की कोशिश की गयी… गौतम त्रिवेदी नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “सरदाना जी लखनऊ में कश्मीरियों को पीटने वाले हिमांशु के साथ आपकी तस्वीर देखकर जरा सा भी आश्चर्य नही हुआ…”

 इसके बाद रोहित सरदाना ने इसका जवाब देते हुए लिखा कि आश्चर्य होना भी नहीं चाहिए. सड़क किनारे रुकी गाड़ी की खिड़की पर आप भी आ कर फ़ोटो खिंचा लेंगे और अगले रोज़ कहीं कांड कर आएँगे, तो आपकी ठेकेदारी मेरी नहीं हो जाएगी कप्तान साहब!

 इस तरह से सोशल मीडिया पर हिमांशु की सेल्फी को लेकर शुरू हो गया एक और विवाद…  हिमांशु की कई ऐसी सेल्फी सामने आती गयी… इंडिया टीवी की पत्रकार, एनडीटीवी के पत्रकार समेत राजनीति से जुड़े कई लोगों के साथ सेल्फी सामने आ रही है… यहाँ आपको बताना जरुरी समझते हैं कि कुछ लोगो द्वारा ऐसी ख़बरें फैलाई जा रही थी कि हिमांशु और सोनकर दोनों हिंदूवादी संगठन से जुड़े हुए हैं और इसे लेकर सरकार को कोसा जा रहा था लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे इन दोनों की असलियत सामने आने लगी.. इन दोनों को प्रोफाइल देखने पर यह साफ पता चलता है कि इन दोनों ने मिलकर एक संगठन बनाया था.. और इस संगठन की आड़ में इसी तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे थे..समाजवादी पार्टी के नेताओं के भी सम्पर्क में थे… आरएसएस और बीजेपी के खिलाफत करते थे.. हिमांशु की एक तस्वीर सामने आई है जिसमें वो अखिलेश यादव के ख़ास कहे जाने वाले मनीष यादव के साथ दिखाई दे रहा है.. हिमांशु मनीष यादव का ख़ास है ऐसी जानकारी सामने आ रही है…..
 हालाँकि इसी सेल्फी वार में भगवा को निशाना बनाने के लिए, नफरत फ़ैलाने के लिए, घृणा भरने के लिए किस हद तक ये लोग जा रहे हैं.. ये तो आपने देख ही लिया…
वहीँ बजरंग सोनकर का इतिहास ही अपराधिक रहा है.. मीडिया रिपोर्ट के आधार पर जानकारी मिली है कि हत्या और चोरी जैसे संगीन अपराध इस पर दर्ज है..

 भगवा कपडा पहनना, किसी के साथ सेल्फी ले लेना…किसी पार्टी, समुदाय का पहचान  नही बन जाता… आरोपी हिमांशु की ऐसी कई तस्वीरे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं जिसमें में अलग अलग नेताओं, पत्रकारों के साथ नजर आ रहा है.. राह चलते अगर कोई किसी के साथ सेल्फी ले ले तो क्या इसका मतलब यह हो जाता है कि सेल्फी लेने वाले के साथ आपका कोई सम्बन्ध है, या आप उसे जानते हैं..

हालाँकि सोशल मीडिया पर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि कश्मीरियों पर हमला करने वालों को सरकार ने 24 घंटें की अंदर गिरफ्तार तो कर लिया है  लेकिन कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार को लेकर आज भी ये लोग बोलने को तैयार नही है जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई के बावजूद पिछले दो दिन से हाहाकार मचाया हुआ है..