नवरात्रि पर पीएम मोदी पर बनायी गयी ये ख़ास रिपोर्ट जरूर पढ़िए

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प्रत्येक साल में चैत्र, आषाढ़, आश्विन और माघ महीनों में चार बार नवरात्र आते हैं ,लेकिन चैत्र और आश्विन माह की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तक चलने वाले नवरात्र ही ज्यादा लोकप्रिय हैं जिन्हें पूरे देश में व्यापक स्तर पर मां भगवती की आराधना के लिये श्रेष्ठ माना जाता है। पूरा देश इस त्यौहार को बड़े ही उत्साह के साथ मानता है, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस त्यौहार के दौरान व्रत रहते हैं..एक दो दिन नही बल्कि पूरे नौ दिन.. आइये आज हम आपको बताते हैं कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी नवरात्रि के दौरान किस तरह का व्रत करते हैं और कैसे माँ भगवती की पूजा अराधना करते हैं. लगभग 40 सालों से प्रधानमंत्री मोदी माँ दुर्गा के लिए कठिन उपवास करते हैं, अराधना करते हैं, उनकी पूजा करते हैं.दोनों नवरात्रि में पीएम मोदी भक्ति में लीन होकर अन्न का त्याग करते हैं, प्रधानमंत्री मोदी माँ दुर्गा की अराधना को कभी नही टालते.. वे देश में हों या विदेश में…मुख्यमंत्री हो या प्रधानमंत्री …किसी भी पद पर हों…नवरात्री आते ही शुरू हो जाता है पीएम मोदी का उपवास… उपवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पानी या निम्बू पानी पीते हैं. नवरात्रि के दिनों में प्रतिदिन पीएम मोदी दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं. जानकारी तो यह भी है कि 40 सालों से पीएम मोदी ने एक बार भी दुर्गा व्रत नही टूटने नही दिया है. देश में सबकुछ सामान्य हो या फिर देश में किसी तरह की हलचल प्रधानमंत्री दुर्गा माँ की अराधना करना नही भूलते.. चाहे दिन भर बाहर रहते हो.. किसी दौरे पर हो.. विदेशों में हो लेकिन नवरात्री का व्रत कभी नही टूटता और ना ही छूटता है..


माँ दुर्गा के प्रति पीएम मोदी की गहरी आस्था है और ये आस्था हमें दिखाई भी दी है. पीएम मोदी नौ दिन का व्रत तो करते ही है लेकिन इस दौरान अपने किसी भी जरूरी काम को नही टालते…वैसे पीएम मोदी पांच बजे सुबह उठ जाते हैं लेकिन नवरात्री के दिनों में प्रधनामंत्री सुबह चार बजे ही उठ जाते हैं. और पूजा पाठ, ध्यान, योग के बाद अपने काम में जुट जाते हैं. मोदी नवरात्री के नौ दिन व्रत रखते हैं इसकी जानकारी पहली बार साल 2012 में लगी थी वो भी उनके ही ब्लॉग से…
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी ने ब्लॉग में लिखा था कि वे आत्मशुद्धि के लिए व्रत रखते हैं. इस व्रत से उन्हें मानशिक और शारीरक शक्ति मिलती है. सितम्बर 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के पहले दौरे पर गये थे तो 29 सितम्बर को अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने वाइट हाउस में मोदी के सम्मान डिनर का आयोजन किया था.. यहाँ पर भी पीएम मोदी ने सिर्फ निम्बू पानी और फल ही खाया था क्योंकि वे नवरात्री के व्रत पर थे. उपवास के दौरान प्रधानमंत्री के एनर्जी में कोई कमी नही दिखाई दे रही थी.. यह सब देखकर बराक ओबामा को भी हैरानी हुई थी. बराक ओबामा ने पीएम मोदी ने इसका राज पूछा तो पीएम मोदी ने इसका क्रेडिट ध्यान और योग को दिया. वैसे बराक ओबामा द्वारा आयोहित किया गया डिनर अपने तय समय पर ही हुआ लेकिन ओबामा के साथ डिनर पर बैठे पीएम मोदी ने सिर्फ पानी और फल खाया था..कहा तो यह भी जाता है कि पीएम मोदी की ऐसी आस्था है कि किसी काम की शुरुवात वो अक्सर नवरात्रि के व्रत के दौरान ही करते हैं. ऐसा ही कुछ देखने को मिला था जब असम विधानसभा चुनाव होने वाले थे उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने पहले मशहूर कामख्या माता का पूजन किया और अपने व्रत का शुरुवात कर अपने प्रचार अभियान की शुरुवात की थी.


अब इस समय भी नवरात्रि चल रही है और प्रधानमंत्री मोदी का उपवास शुरू हो गया है. इसी के साथ प्रधानमंत्री मोदी उपवास के दौरान लगातार रलियों को संबोधित करते नजर आने वाले हैं. नवरात्री से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी रैली में सभी देशवासियों को नवरात्री की शुभकामनाएं दी हैं और अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने रैली में नवरात्रि का जिक्र कर विपक्ष को एहसास करवा दिया है कि वे नवरात्रि के दौरान भी विपक्ष पर प्रहार, रैलियों को संबोधित और अपने काम को करते रहेंगे..अब देखने वाली बात है कि देश में शुरू हो चुके चुनावी माहौल में पीएम मोदी को चुनाव में माँ दुर्गा का आशीर्वाद मिला है या नही!