दंपत्ति ने कैब ड्राइवर की हत्या कर लाश को टुकड़े-टुकड़े किए

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देश की राजधानी में कैब में सफर करने वाली महिलाओं के साथ कई वारदात सामने आ चुकी हैं..लेकिन एक ऐसा ताजा मामला सामने आया है जिसमें कैब ड्राइवर के लिए भी रात में कैब चलाना जानलेवा साबित हुआ है..कैब ड्राइनर राम गोविंद यात्रियों का शिकार हो गए हैं..जब वह एक कपल फरहत अली और असलम खातून को लेकर जा रहे थे तो इसी दौरान दोनों ने उनकी हत्या कर दी..फरहत अली और असलम खातून ने ना सिर्फ कैब ड्राइवर की हत्या की बल्कि उनके शव को टुकड़े-टुकड़े कर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया..

घटना 29 जनवरी की हैं..रात के 1 बज रहे थे…जब गाजियाबाद जाने के लिए एमजी रोड से कैब ड्राइवर गोविंद की टैक्सी बुक की गई….गोविंद हर रोज की तरह अपने सवारी को जा कर पिक कर लिया…राइड खत्म होने के बाद दोनों सवारियों ने कैब ड्राइवर को चाय पीने के लिए घर पर बुलाया…चूंकि ठंड बहुत ज्यादा थी इसलिए गोविंद ने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया…

ये दोनों सवारी कोई और नहीं ब्लकि फरहत अली और असलम खातून थे…जिन्होंने गोविंद के चाय में कुछ मिला दिया, जिससे वो बेहोश हो गया..

इसके बाद गोविंद की गला दबाकर हत्या कर दी.. इसके बाद लाश को वहीं छोड़कर दोनों गोविंद की कार लेकर मुरादाबाद चले गए और वहां पर झाड़ियों में कार को छिपा दिया…. वहां से लौटते वक्त आरोपी कटर और ब्लेड लेकर आए फिर लाश को तीन भागों में काट दिया ताकि उसे आसानी से ठिकाने लगाया जा सके..इसके बाद वे लाश को स्कूटी पर लेकर ग्रेटर नोएडा गए फरहत अली और असलम खातून और एक नाले में लाश को फेंक दिया….

बहरहाल, पुलिस ने आरोपियों को कैब-एग्रीगेटर के माध्यम से राइड की सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है…पुलिस ने जब आरोपियों से पुछताछ की तो फरहत अली और असलम खातून ने बताया की रास्ते में ही उन्होंने गोविंद को लूटने का फैसला किया और योजना के अनुसार, उन्होंने गोविंद को मौत के घाट उतार दिया.. दोनों आरोपियों ने बताया की उनका कुछ महीने से काम-धंधा चौपट हो चुका था..

इस कार को चुराकर कहीं बेचना चाहते थे…और उससे पैसा कमाना चाहते थे..पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे के कार्रवाई में जूट गई है..

अफसोस मुझे गोविंद जैसे तमाम लोगों के लिए हो रहा है जो इन जैसे लोगों के झांसे में आ जाते है…काश गोविंद ने उन लोगों पर भरोसा नहीं किया होता…लेकिन गोविंद को क्या पता था की वो जिसको उनकी मंजिल तक पहुंचाने जा रहा था…वो इंसान नहीं…ब्लकि इंसान के रूप में हैवान थे…उसे क्या पता था की वो दिन उसके लिए आखिरी दिन साबित होगा….