एक ही थप्पड़ में मसूद अजहर ने उगल दिया था सारा सच! अधिकारी ने किया खुलासा

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कश्‍मीर के जिन बच्‍चों ने हथियार उठाए हैं, उनकी मांओं से अपील है कि सरेंडर करने को कह दें। अन्‍यथा उन्‍हें साफ कर दिया जाएगा…. सेना के इन शब्दों ने पूरे देश को उस वक्त आक्रोशित जोश से भर दिया जब सेना ने कहा, कितने गाजी आए और चले गए, हम अभी सीमा पर खड़े हैं, इसकी परवाह मत कीजिए, घाटी में जो भी आतंकी घुसेगा, वो जिंदा नहीं लौटेगा…’

कश्मीर में जैश ए मोहम्मद कश्मीरी युवाओं को अपने साथ मिलाकर सेना के खिलाफ भड़काता रहा है. सुरक्षा बलों ने जैश ए मुहम्मद के कई बड़े आतंकियों को मारने में कामयाबी हासिल की है…लेकिन जैश ए मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का आखिर वक्त कब आयेगा? मुश्किल ये हैं कि वो पाकिस्तान में हैं. पाकिस्तान आर्मी की छत्र छाया में भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है. हालाँकि एक बार मसूद अजहर भारतीय सुरक्षाबलों के हाथ लग गया था… इसी की कहानी बताते हुए सेना के एक अधिकारी कहते हैं…भारत के कई भीषण हमलों का दोषी और जैश ए मुहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अ
अजहर से पूछताछ करना बेहद आसान था. पूछताछ के दौरान उसे सिर्फ एक थप्पड़ लगा तो वो सबकुछ उगलते चला गया था….. यह जानकारी उस पूर्व अधिकारी ने दी है जो 1994 में मसूद अजहर की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ की थी. अधिकारी के मुताबिक मसूद अजहर को फरवरी, 1994 में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में गिरफ्तार किया गया था। वह पुर्तगाल के पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा और फिर कश्मीर चला गया .जहाँ उसे गिरफ्तार कर लिया गया था….


सिक्किम पुलिस के महानिदेशक रहे अविनाश मोहनाने ने बताया कि गिरफ्त में आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उससे पूछताछ करने में कोई ख़ास दिक्कत नही हुई… वे बताते हैं कि जब एक सेना के अधिकारी का जोरदार थप्पड़ पड़ा तो मसूद अजहर टूट गया और वो कैसे आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है? उसकी मदद कौन करता है? उसकी फंडिंग कहाँ से होती है? सबकुछ अधिकारी के सामने सिर्फ एक थप्पड़ में ही उगल दिया था… खुफिया ब्यूरो (आइबी) में दो दशक तक रहने वाले मोहनाने ने मसूद अजहर से कई बार पूछताछ की थी।….1985 बैच के आइपीएस अधिकारी मोहनाने कश्मीर में आइबी के प्रमुख थे.उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान पूछताछ में अजहर ने पाकिस्तान में आतंकियों की भर्ती से लेकर उनके काम करने के तरीकों के बारे में अहम जानकारियां दी थी…
भारतीय जेल में बंद अजहर को छुडाने की तीन बार कोशिश हुई…हो सकता है इसमें पाकिस्तान का भी हाथ रहा हो.. दो बार जब तो उसके साथियों की कोशिश नाकाम हो गयी लेकिन तीसरी बार कंधार प्लेन हाईजैक के दौरान सरकार को मसूद अजहर और उसके तीन अन्य साथियों को रिहा करने पर मजबूर होना पड़ा था. वही मसूद अजहर आज हमारे सेना के जवानों का खून बहा रहा है. उरी, पठानकोट और अब पुलवामा में हुए आतकी हमले में जैश ए मुहम्मद यानी मौलाना मसूद अजहर का ही हाथ हैं लेकिन पाकिस्तान इस पर कार्रवाई करने के बजाय इन्हें संरक्षण देने का काम कर रही है.

वहीँ अब सेना की तरफ से इन आतंकियों की मदद करने वाले कश्मीरियों को चेतावनी दी है…. चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्लन के अनुसार सुरक्षाबल 14 फरवरी को हुए हमले के बाद से ही जैश के शीर्ष आकाओं का पता लगा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि पुलवामा हमले के 100 घंटों के भीतर जैश-ए-मोहम्‍मद के नेतृत्‍व को मार गिराया गया है। कर्नल ने कहा कि सेना नहीं चाहती कि मुठभेड़ों के दौरान कोई नागरिक मारा जाए… उन्होंने निवेदन करते हुए कहा है कि मातायें अपने बेटों को आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार करें. बंदूक उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।’’