ट्रम्प पर लगेगा महाभियोग, जा सकती है कुर्सी

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कुर्सी अब खतरे में है. हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव (निचला सदन) में महाभियोग प्रस्ताव पास किया गया है, और इस प्रस्ताव का इन्तजार एक लंबे वक्त से निचले सदन में किया जा रहा था, अब इसके पास होने के बाद राष्ट्रपति की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.. गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप पर यूक्रेन विवाद के कुछ समय बाद हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव की स्पीकर नैन्सी पॉलोसी ने सत्ता में रहते हुए पद का दुरुपयोग का आरोप लगाया था. और इसके खिलाफ एक महाभियोग लाये जाने की बात भी की थी.

उसके बाद से ही लगातार इस मुद्दे पर सदन में बहस हो रहीं थीं, कुछ लोग डोनाल्ड ट्रम्प के पक्ष में उतरे तो कुछ उनके खिलाफ. इसी के बाद बाद 19 दिसम्बर, गुरुवार को लगातार सदन में चली 6 घंटे की चर्चा के बाद जब मतदान हुआ तो अमेरिकी सम्विधान के आर्टिकल 2 के तहत महाभियोग प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव से बहुमत के साथ पास कर दिया गया. और अब ये साफ़ है कि ट्रंप के खिलाफ अब दूसरे सदन में भी महाभियोग की प्रक्रिया बेहद जल्द शुरू की जाएगी. ट्रम्प ये बात अच्छे से समझते हैं कि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव उनके पद, कुर्सी, सरकार पर पड़ने वाला है..  

आइये जानते हैं किस तरह से आगे बढ़ेगी ये महाभियोग की प्रक्रिया

अमेरिका में महाभियोग (Impeachment) की इस प्रक्रिया संवैधानिक तरीके से बेहद जटिल माना जाता है..  दरअसल निचले और दुसरे सदन को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर महाभियोग लगाने के लिए एक लंबी संवैधानिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा.. और जब बात राष्ट्रपति पर महाभियोग की हो तो ऐसे में पूरी प्रक्रिया क्या होती है ये समझना बेहद जरूरी है.  आइये जानते हैं.

  • अमेरिकी संविधान में निहित आर्टिकल्स के मुताबिक किसी भी राष्ट्रपति को उसके कार्यकाल के 4 वर्ष की अवधि के समाप्त होने से पहले महाभियोग लगाकर अपदस्थ किया जा सकता है.
  • अमेरिकी राष्ट्रपति को महाभियोग लगाकर उसकी कुर्सी से हटाने के लिए कई आधार बताये गये हैं. अमेरिकी संविधान में ये लिखा हुआ है कि अगर राष्ट्रपति राजद्रोह में दोषी पाया जाता है, रिश्वत लेता है  या फिर उच्च श्रेणी अपराध और कदाचार में लिप्त होने का दोषी पाया जाता है तो उसे राष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जा सकता है..
  •  लेकिन कौनसा अपराध या कदाचार उच्च श्रेणी में आता है ये तय करने के अधिकार सिर्फ कांग्रेस के पास ही होता है, कांग्रेस को अपने विवेक के हिसाब से तय करना होगा कि ऐसी परिस्थिति में क्या सही है  
  • कुछ अपराध बताये गए हैं जो इस मामले में सजा की वजह बन सकते हैं.. जैसे भष्ट्राचार, दुर्व्यवहार और न्यायिक कार्यवाही में किसी भी प्रकार की बाधा डालना भी उच्च श्रेणी के अपराध में शामिल है.
  • अगर हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव को किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग चलाकर अपदस्थ करना है तो उसके लिए संविधान के मुताबिक एक ज्यूरी की तरह 2 तिहाई बहुमत होना जरुरी है
  • अमेरिकी सीनेट के पास ये अधिकार होता है कि जब महाभियोग प्रस्ताव पास हो जाये तो वो एक अदालत की तरह से काम करके राष्ट्रपति को उसके पद से हटा दे.