अगर अशोक गहलोत बने कांग्रेस अध्यक्ष तो राजस्थान में मचेगा बवाल!

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कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर पिछले काफी समय से घमासान मचा हुआ है. राहुल गाँधी अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर अड़े हुए हैं. काफी मान मनव्वल के बाद भी वे अध्यक्ष पद पर बने रहने के लिए नही मान रहे हैं. ऐसे में उम्मीद तो यही की जा रही थी कि अपनी छवि को सुधारने के लिए गैर गांधी परिवार को अध्यक्ष बनाया जा सकता है. अब खबरे ऐसी सामने आ रही हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है. ये वहीँ अशोक गहलोत हैं जिनपर कांग्रेस को मिली हार के बाद राहुल गाँधी भड़क गये थे. अशोक गहलोत वो नेता है जिन्होंने अपने बेटे को लोकसभा चुनाव जितवाने के लिए 90 से सभाएं की थी लेकिन फिर वे अपने बेटे को जीत नही दिलवा सके थे. खैर अब जो खबर सामने आ रही हैं उसके मुताबिक़ अशोक गहलोत को कांग्रेस को अध्यक्ष बनाया जा सकता है. लेकिन अशोक गहलोत को क्यों? इसके पीछे कई कारण है आइये हम आपको बताते हैं.


दरअसल पिछले काफी समय से ऐसा माना जा रहा है कि अशोक गहलोत के सितारे बुलंद हैं. गुजरात विधानसभा चुनाव में गहलोत को जिम्मेदारी सौंपी गयी तो यहाँ कांग्रेस हार तो गयी लेकिन बीजेपी के हाथ पैर जूर फूल गये थे. अपनी रणनीति से बीजेपी के लिए मुसीबत खड़ी कर मैदान से बाहर हो चुकी कांग्रेस को वापस टक्कर में लाकर खड़ा कर दिया.
अशोक गहलोत को राजनीति का अच्छा खासा अनुभव है. उन्होंने पार्टी का उतार चढ़ाव देखा है. चुनाव में राजस्थान में बीजेपी को तगड़ा नुकसान पहुंचाने में अशोक गहलोत की ही रणनीति थी.
अशोक गहलोत साफ़ छवि वाले भी नेता माने जाते हैं. बापू आशाराम को गिरफ्तार करवाने या फिर विश्व हिन्दू परिषद् के बड़े नेता प्रवीण तोगड़िया जैसे नेताओं को जेल तक भिजवा चुके हैं. ऐसे कई बड़े फैसले लेने के लिए अशोक गहलोत जाने जाते हैं. अभी ऐसा माना जा रहा है कि अगर अशोक गहलोत को कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बना गया तो कांग्रेस कि इसका फायदा जरूर होगा लेकिन कितना ये तो देखना होगा?
वैसे राहुल गाँधी और सोनिया गांधी को अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत हैं जो भरोसमंद भी हो, अशोक गहलोत की गिनती कांग्रेस के वरिष्ठ और वफादार नेताओं में होती है. वो काफी लंबे समय से पार्टी के लिए पूरी लगन से काम करते आ रहे हैं. अशोक गहलोत कांग्रेस की तीन अलग-अलग केंद्र सरकारों में मंत्री रहे. वे इंदिरा के साथ ही राजीव गांधी की कैबिनेट के भी सदस्‍य थे.


मोदी सरकार हमेशा से कांग्रेस को वंशवाद के मुद्दे पर घेरा है और चुनावों में इसका फायदा भी उसे मिलता रहा है। ऐसे में राहुल गांधी चाहते हैं कि इस बार पार्टी का अध्यक्ष गैर गांधी परिवार का नेता हो, जिससे यह मुद्दो हमेशा के लिए खत्म हो जाए। वैसे खबर यह है कि बिना किसी पद के राहुल गाँधी पूरे देश में घूम घूम कर कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात करेंगे और कांग्रेस की खोई हुई पैठ को वापस लाने का काम करेंगे.. हा यहाँ गौर करने वाली बात यह भी है कि कांग्रेस अध्यक्ष से हटने के बाद राहुल गाँधी मोदी और बीजेपी के निशाने से दूर हो जायेंगे.. ऐसा माना जा रहा है. हालाँकि अभी तक अध्यक्ष अशोक गहलोत को बनाये जाने की ख़बरें सिर्फ मीडिया में चल रही हैं लेकिन अभी तक एलान नही हुआ .हालाँकि देखने वाली बात हैं कि कांग्रेस कब तक अपने नए अध्यक्ष का एलान करती हैं. एलान के बाद ही साफ़ हो पायेगा कि कौन बनेगा कांग्रेस का अध्यक्ष?
लेकिन इन सबके बीच सवाल यह उठ रहा है कि अगर अशोक गहलोत को अगर कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया जाता है तो राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस लिस्ट में सबसे चर्चित नाम है सचिन पायलट का, जो पहले ही मुख्यमंत्री ना बनाये जाने के कारण से नाराज बताए जा रहे थे, लेकिन अगर अशोक गहलोत अध्यक्ष बनते हैं तो भी सचिन का मुख्यमंत्री बनना आसान नही है, तीन-चार और बड़े चहरे हैं. इनमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है.


सचिन पायलट पहले से नाराज है. राजस्थान कांग्रेस में पहले ही गुटबाजी चल रही हैं लेकिन अब एक बार फिर हलचल तेज हो गी है कि कौन बनेगा कांग्रेस अध्यक्ष और राजस्थान का मुख्यमंत्री?